{"_id":"6a9bcce8aceabc049a0cea97","slug":"cm-bhajanlals-roadshow-in-udaipur-today-bjp-sets-mission-60-target-he-will-hold-marathon-meetings-with-mlas-and-office-bearers-udaipur-news-c-1-1-noi1460-4689966-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"उदयपुर: सीएम भजनलाल का रोड शो, भाजपा ने रखा ‘मिशन 60+’ का लक्ष्य, विधायकों संग करेंगे मैराथन बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उदयपुर: सीएम भजनलाल का रोड शो, भाजपा ने रखा ‘मिशन 60+’ का लक्ष्य, विधायकों संग करेंगे मैराथन बैठक
Sat, 05 Sep 2026 04:52 PM IST
उदयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 04:52 PM IST
सार
उदयपुर में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने लगातार कई कार्यकाल से नगर निगम बोर्ड पर अपना कब्जा बरकरार रखा है और इस बार भी जीत का सिलसिला कायम रखने के लिए पार्टी ने ‘मिशन 60+’ का लक्ष्य तय किया है।
विज्ञापन
मुख्य्मंत्री का उदयपुर मे रोड शो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विज्ञापन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार शाम करीब 5 बजे उदयपुर पहुंचेंगे। इसके बाद उनका काफिला सूरजपोल चौराहे पहुंचेगा। यहां महापुरुष की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रोड शो शुरू होगा।
रोड शो सूरजपोल से बापू बाजार होते हुए देहली गेट बैंक तिराहे तक निकाला जाएगा। भाजपा की ओर से रोड शो को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने के साथ ही शहर में चुनावी माहौल को अपने पक्ष में मजबूत करना है।
रोड शो के बाद होगी मैराथन बैठक
रोड शो के बाद मुख्यमंत्री एक स्थानीय होटल में भाजपा के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में जिले के प्रमुख विधायक, पार्टी पदाधिकारी और चुनाव से जुड़े नेता शामिल होंगे।
विज्ञापन
बैठक में 80 वार्डों के नए परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, प्रत्याशियों की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा पार्टी के सामने चुनौती बने बागी प्रत्याशियों और संभावित भितरघात को लेकर भी रणनीति तैयार की जाएगी।
भापजा के सामने 60 से ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती
भाजपा ने इस बार उदयपुर नगर निगम में 60 से अधिक वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए स्थानीय नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। मुख्यमंत्री की बैठक में वार्डवार चुनावी स्थिति का फीडबैक लेकर कमजोर क्षेत्रों में रणनीति मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है।
तीन दशक से भाजपा के कब्जे में रहा है बोर्ड
उदयपुर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। वर्ष 1994 से अब तक हुए निगम चुनावों में भाजपा का दबदबा रहा है। इस बार वार्डों के नए परिसीमन और मेयर पद के सामान्य वर्ग के लिए ओपन होने से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब मुख्यमंत्री के रोड शो और संगठनात्मक बैठक के बाद भाजपा किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
रोड शो सूरजपोल से बापू बाजार होते हुए देहली गेट बैंक तिराहे तक निकाला जाएगा। भाजपा की ओर से रोड शो को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने के साथ ही शहर में चुनावी माहौल को अपने पक्ष में मजबूत करना है।
विज्ञापन
रोड शो के बाद होगी मैराथन बैठक
रोड शो के बाद मुख्यमंत्री एक स्थानीय होटल में भाजपा के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में जिले के प्रमुख विधायक, पार्टी पदाधिकारी और चुनाव से जुड़े नेता शामिल होंगे।
विज्ञापन
बैठक में 80 वार्डों के नए परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, प्रत्याशियों की स्थिति और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा पार्टी के सामने चुनौती बने बागी प्रत्याशियों और संभावित भितरघात को लेकर भी रणनीति तैयार की जाएगी।
भापजा के सामने 60 से ज्यादा वार्ड जीतने की चुनौती
भाजपा ने इस बार उदयपुर नगर निगम में 60 से अधिक वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए स्थानीय नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। मुख्यमंत्री की बैठक में वार्डवार चुनावी स्थिति का फीडबैक लेकर कमजोर क्षेत्रों में रणनीति मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है।
तीन दशक से भाजपा के कब्जे में रहा है बोर्ड
उदयपुर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। वर्ष 1994 से अब तक हुए निगम चुनावों में भाजपा का दबदबा रहा है। इस बार वार्डों के नए परिसीमन और मेयर पद के सामान्य वर्ग के लिए ओपन होने से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब मुख्यमंत्री के रोड शो और संगठनात्मक बैठक के बाद भाजपा किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।