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Udaipur Murder: कन्हैया हत्याकांड में चार थानों और डीएसबी शाखा की लापरवाही, 20 पुलिसकर्मियों को नोटिस, यह होगा
Sun, 25 Sep 2022 04:40 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 25 Sep 2022 04:40 PM IST
सार
Udaipur Killing: उदयपुर में 28 जून को कन्हैयालाल हत्याकांड के मामले में चार थानों और डीएसबी शाखा की लापरवाही सामने आई है। ऐसे में करीब 20 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद इन पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
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उदयपुर हत्याकांड
- फोटो : Social Media
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विस्तार
उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा एक्शन लिया है। शनिवार को मुख्यालय की ओर से 20 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने यह कदम उठाया है।
आदेश के अनुसार हत्याकांड के समय धानमंडी, भूपालपुरा, सूरजपोल और सुखेर थाने के अधिकारियों, संबंधित थानों के हेड कांस्टेबल और बीट कांस्टेबल सहित तत्कालीन पुलिस अफसरों को नोटिस दिए गए हैं। अब जब तक मामलें इन पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही की जांच होगी, तब तक इनके प्रमोशन नहीं होंगे। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
किस थानों को क्यों दिया गया नाटिस
आगे क्या होगा?
जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस मिले हैं, जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती इनका प्रमोशन नहीं हो सकेगा। जरूरी समझने पर उच्च अधिकारी फील्ड पोस्टिंग से भी हटा सकते हैं। जांच में अगर जानबूझकर बरती गई लापरवाही की बात सामने आती है तो नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।
जानें 28 जून को क्या हुआ था?
कन्हैयालाल साहू धानमंडी थाना इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे। वह पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ्य है।
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आदेश के अनुसार हत्याकांड के समय धानमंडी, भूपालपुरा, सूरजपोल और सुखेर थाने के अधिकारियों, संबंधित थानों के हेड कांस्टेबल और बीट कांस्टेबल सहित तत्कालीन पुलिस अफसरों को नोटिस दिए गए हैं। अब जब तक मामलें इन पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही की जांच होगी, तब तक इनके प्रमोशन नहीं होंगे। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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किस थानों को क्यों दिया गया नाटिस
- यह पूरी घटना धानमंडी थाना इलाके में हुई थी। सबसे कन्हैयालाल साहू को धमकी दी गई थी। जिसकी रिपोर्ट उसने रिपोर्ट धानमंडी थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
- भूपालपुरा थाना इलाके में 20 जून को कलेक्ट्रेट के बाहर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान आपत्तिजनक नारे लगाए गए, भूपालपुरा थाने और कलेक्ट्री स्थित चौकी पर तैनात पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग ने माना कि उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए था।
- सूरजपोल थाना क्षेत्र में कन्हैयालाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारे कई साल से रह रहे थे। कन्हैया की हत्या की पूरी साजिश यहीं रची गई थी।
- कन्हैयालाल की गला रेतकर हत्या करने के बाद दोनों हत्यारे फरार हो गए थे। वह सुखेर थाना इलाके की एक फैक्ट्री में छिपे थे। यहां दोनों ने एक वीडियो बनाकर कन्हैया की हत्या की बात कबूल की और उसे वायरल किया।
- पुलिस मुख्यालय ने डीएसबी शाखा की भी बड़ी लापरवाही मानी है। दरअसल, यह शाखा कलेक्ट्रेट के बाहर होने वाले प्रदर्शनों की गोपनीय तरीके से निगरानी करती है। जिसकी पूरी रिपोर्ट जिले के एसपी सौंपी जाती है। 20 जनू को कलेक्ट्रेट के बाहर हुए प्रदर्शन में लगे आपत्तिजनक नारों गंभीरता से नहीं लिया गया।
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आगे क्या होगा?
जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस मिले हैं, जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती इनका प्रमोशन नहीं हो सकेगा। जरूरी समझने पर उच्च अधिकारी फील्ड पोस्टिंग से भी हटा सकते हैं। जांच में अगर जानबूझकर बरती गई लापरवाही की बात सामने आती है तो नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।
जानें 28 जून को क्या हुआ था?
कन्हैयालाल साहू धानमंडी थाना इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहते थे। वह पेशे से दर्जी थे। दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने उनकी दुकान पर पहुंचे और धारदार हथियार से कन्हैया पर वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ्य है।