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टोंक में बनास नदी पर बनेगा 144 करोड़ का हैंगिंग ब्रिज: बारिश में नहीं कटेगा संपर्क, पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
Tue, 06 Oct 2026 12:46 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:46 PM IST
सार
टोंक जिले में बीसलपुर बांध की डाउनस्ट्रीम बनास नदी पर करीब 144.21 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति से एक्स्ट्रा-डोज्ड हैंगिंग ब्रिज बनाने की योजना है। पुल और एप्रोच रोड मिलाकर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार होगा।
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बीसलपुर बांध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
टोंक जिले में बीसलपुर बांध की डाउनस्ट्रीम बनास नदी पर एक्स्ट्रा-डोज्ड हैंगिंग ब्रिज के निर्माण से जयपुर, अजमेर और टोंक क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। करीब 144.21 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति वाली इस योजना से बारिश के दिनों में राहगीरों को होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी और क्षेत्र में आवागमन सुगम बनेगा। करीब 111.63 करोड़ रुपये की टेंडर वैल्यू वाली इस परियोजना के तहत पुल तथा एप्रोच रोड मिलाकर कुल डेढ़ किलोमीटर लंबा रास्ता तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 730 दिन की समयसीमा तय की गई है।
एक्स्ट्रा-डोज्ड तकनीक से होगा निर्माण
प्रस्तावित पुल का निर्माण एक्स्ट्रा-डोज्ड पीएससी बॉक्स ब्रिज तकनीक के आधार पर किया जाएगा। इसमें केबल और विशेष ढांचागत व्यवस्था के माध्यम से पुल को मजबूती प्रदान की जाएगी। इस पुल की कुल लंबाई में 20 स्पान शामिल किए गए हैं। इनमें 144 मीटर का एक मुख्य स्पान, 72-72 मीटर के दो स्पान तथा 25-25 मीटर के 17 स्पान बनाए जाएंगे। लगभग 25 मीटर ऊंची इस संरचना की चौड़ाई करीब 12 मीटर रखी जाएगी। सार्वजनिक निर्माण विभाग की योजना के अनुसार, बीसलपुर बांध के इंटेक पंप हाउस के समीप बनास नदी पर इस पुल का निर्माण प्रस्तावित है।
संपर्क मार्ग और फुटपाथ की व्यवस्था
परियोजना के अंतर्गत टोंक जिले के देवली की तरफ 550 मीटर और टोडारायसिंह की ओर 250 मीटर लंबा एप्रोच रोड तैयार होगा। पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ निर्मित किया जाएगा। इसके अलावा पुल पर आकर्षक रोशनी का भी प्रबंध किया जाएगा। बीसलपुर बांध के गेट खुलने या बारिश के समय नदी में जलस्तर बढ़ने पर देवली, टोडारायसिंह और आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट जाता था। लोग लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करने को विवश होते थे। यह उच्चस्तरीय पुल बन जाने से क्षेत्रवासियों को बारहमासी आवागमन की सुलभ सुविधा उपलब्ध होगी।
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ये भी पढ़ें- राजस्थान: पंचायत चुनाव की तारीखों में बदलाव, अब धनतेरस पर नहीं होगा मतदान; एक ही चरण में पूरी होगी वोटिंग
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन
बीसलपुर बांध का विशाल जलभराव, तक्षकगिरी की पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। इस आधुनिक केबल पुल के निर्माण तथा रात्रिकालीन रोशनी की व्यवस्था से यह स्थल एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा। नए संपर्क मार्ग से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की प्रबल संभावना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण तय समय में पूरा किया जाएगा, यद्यपि वर्तमान प्रगति की विभागीय पुष्टि अपेक्षित है। पुल बीसलपुर को जल स्रोत के साथ आधुनिक पहचान देगा।
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एक्स्ट्रा-डोज्ड तकनीक से होगा निर्माण
प्रस्तावित पुल का निर्माण एक्स्ट्रा-डोज्ड पीएससी बॉक्स ब्रिज तकनीक के आधार पर किया जाएगा। इसमें केबल और विशेष ढांचागत व्यवस्था के माध्यम से पुल को मजबूती प्रदान की जाएगी। इस पुल की कुल लंबाई में 20 स्पान शामिल किए गए हैं। इनमें 144 मीटर का एक मुख्य स्पान, 72-72 मीटर के दो स्पान तथा 25-25 मीटर के 17 स्पान बनाए जाएंगे। लगभग 25 मीटर ऊंची इस संरचना की चौड़ाई करीब 12 मीटर रखी जाएगी। सार्वजनिक निर्माण विभाग की योजना के अनुसार, बीसलपुर बांध के इंटेक पंप हाउस के समीप बनास नदी पर इस पुल का निर्माण प्रस्तावित है।
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संपर्क मार्ग और फुटपाथ की व्यवस्था
परियोजना के अंतर्गत टोंक जिले के देवली की तरफ 550 मीटर और टोडारायसिंह की ओर 250 मीटर लंबा एप्रोच रोड तैयार होगा। पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ निर्मित किया जाएगा। इसके अलावा पुल पर आकर्षक रोशनी का भी प्रबंध किया जाएगा। बीसलपुर बांध के गेट खुलने या बारिश के समय नदी में जलस्तर बढ़ने पर देवली, टोडारायसिंह और आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट जाता था। लोग लंबा चक्कर लगाकर यात्रा करने को विवश होते थे। यह उच्चस्तरीय पुल बन जाने से क्षेत्रवासियों को बारहमासी आवागमन की सुलभ सुविधा उपलब्ध होगी।
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पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन
बीसलपुर बांध का विशाल जलभराव, तक्षकगिरी की पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। इस आधुनिक केबल पुल के निर्माण तथा रात्रिकालीन रोशनी की व्यवस्था से यह स्थल एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा। नए संपर्क मार्ग से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की प्रबल संभावना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण तय समय में पूरा किया जाएगा, यद्यपि वर्तमान प्रगति की विभागीय पुष्टि अपेक्षित है। पुल बीसलपुर को जल स्रोत के साथ आधुनिक पहचान देगा।