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Rajasthan News: घायल के इलाज के लिए आधी रात को धरने पर बैठे नरेश मीना, हरकत में आए टोंक पुलिस अधीक्षक
Fri, 01 May 2026 09:23 PM IST
टोंक ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, टोंक
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, टोंक
Published by: टोंक ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 09:23 PM IST
सार
Tonk News: टोंक में सड़क हादसे के घायल को समय पर अस्पताल न पहुंचाने पर नरेश मीना धरने पर बैठ गए। पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद वाहन की व्यवस्था कर घायल को अस्पताल भेजा गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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आधी रात को थाने में धरने पर बैठे नरेश मीना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
टोंक जिले की देवली उनियारा क्षेत्र में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे के बाद उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाए जाने का आरोप लगा। निर्दलीय प्रत्याशी रह चुके नरेश मीना इस घटना को लेकर घाड़ पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।
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शादी से लौटते समय दिखा घायल
नरेश मीना ने बताया कि वे दूनी क्षेत्र के मुगलाना गांव में धाकड़ समाज की शादी में शामिल होकर रात करीब 9 बजे नगरफोर्ट की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान घाड़ थाने से लगभग 40-50 मीटर दूरी पर सड़क हादसे में एक बाइक सवार गंभीर हालत में पड़ा दिखाई दिया।
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ग्रामीणों ने बताई हादसे की वजह
मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार दूनी निवासी भागचंद मिस्त्री सड़क पर अचानक सांड आने के कारण हादसे का शिकार हो गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि घटना की सूचना पहले ही पुलिस को दी जा चुकी थी, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
नरेश मीना ने आरोप लगाया कि थाने में मौजूद लक्ष्मण सिंह ने ग्रामीणों को यह कहकर मदद से इनकार कर दिया कि उनके पास कोई वाहन उपलब्ध नहीं है। घायल के सिर से लगातार खून बहता देख नरेश मीना ने अपनी साफा बांधकर प्राथमिक उपचार किया, लेकिन जब वे थाने पहुंचे तो उन्हें कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला।
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धरने पर बैठे, बढ़ा दबाव
पुलिसकर्मियों के रवैये से नाराज होकर नरेश मीना थाने में ही धरने पर बैठ गए और मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक राजेश मीना को दी। इस बीच घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर फैलने लगी, जिसके बाद उनके समर्थक और स्थानीय लोग भी थाने पहुंचने लगे, जिससे माहौल और गंभीर हो गया।
एसपी के निर्देश पर हरकत में आई पुलिस
मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। करीब दस मिनट के भीतर वाहन की व्यवस्था की गई और घायल को लहूलुहान हालत में दूनी अस्पताल भिजवाया गया।
धरना समाप्त कर आगे बढ़े
घायल को अस्पताल पहुंचाने के बाद नरेश मीना ने अपना धरना समाप्त किया और अपने कुछ साथियों के साथ नगरफोर्ट की ओर शादी समारोह में चले गए। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।