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Water Problem: बाड़मेर-जैसलमेर में पेयजल के लिए मचा हाहाकार, लोगों ने पानी की टंकी पर चढ़कर जताया रोष
Mon, 27 May 2024 07:24 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 27 May 2024 07:24 PM IST
सार
Water Problem: सरहदी बाड़मेर-जैसलमेर जिले में भीषण गर्मी से बेचेन आमजन को गंभीर पेयजल संकट से भी दो चार होना पड़ रहा है। करीब दो दशक पूर्व आई भयंकर बाढ़ के पानी से तबाह होने क बाद फिर से आबाद हुए बाड़मेर के करीब एक दर्जन गांव आज प्रचंड गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इनमें कवास, भूरटिया, बायतु और इसके आसपास के दर्जनों गांव शामिल हैं।
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बाड़मेर-जैसलमेर में पेयजल के लिए मचा हाहाकार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऐसे में इन इलाकों के ग्रामीणों को पानी की मांग को लेकर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। भूरटिया गांव में सोमवार को आक्रोशित ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलने पर समझाइश के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन नाराज ग्रामीण पानी की मांग पर अड़े रहे। कमाबेश ऐसी ही स्थिति जैसलमेर जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों की है। इस जिले के लवां गांव में पेयजल की मांग को लेकर रविवार शाम ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए थे, जिससे प्रशासनिक अधिकारी सांसत में आ गए।
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काफी मान-मनोव्वल कर नाराज ग्रामीणों को नियमित सप्लाई का आश्वासन तो दे दिया गया, लेकिन घटना के 24 घंटे बाद भी अभी भी पेयजल के समुचित इंतजाम नहीं किए गए हैं। बाड़मेर में प्रशासनिक व्यवस्था फेल हो जाने पर स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाजसेवियों ने मोर्चा संभाल लिया है और ये आमजन एवं पशु-पक्षियों के लिए पानी के इंतजाम करने में सक्रियता दिखा रहे हैं। बाड़मेर के भूरटिया, ऊपरला वास, ढूंढा, बायतु और इसके आपसस के करीब एक दर्जन गांव पेयजल संकट की जद में हैं, जहां बाढ़ से बीस वर्ष पूर्व जलमग्न हो जाने से भारी जन-धन की हानि हुई थी।
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जिम्मेदारों की लापरवाही से बड़ी जलप्रदाय योजनाएं अधूरी
बाड़मेर में कई बड़ी जलप्रदाय योजनाओं तय समय पर पूरी नहीं होने से भी गर्मी के मौसम में डिमांड के अनुसार पेयजल आपूर्ति करना जलदाय विभाग के लिए चुनौती का कारण बना हुआ है। बाड़मेर एवं बायतू कस्बे के बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी इलाकों के लिए बाड़मेर लिफ्ट परियोजना से दो वर्ष पूर्व 2022 के फरवरी माह में 165.58 करोड़ के आदेश जारी हुए थे। इस परियोजना से बाड़मेर जिले के 94 गांवों को पेयजल से लाभांवित किया जाना था, लेकिन इतना लंबा समय हो जाने के बाद इस गर्मी के मौसम में भी इसका कार्य अधूरा पड़ा है और जलदाय विभाग के आला अधिकारी भी स्वीकाार रहे हैं कि इसका मुख्य कारण मंथर गति से कार्य प्रगति को माना जा सकता है।
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