राजस्थान: संभागीय आयुक्त पहुंचे पीबीएम अस्पताल, कहा- लिफ्ट जल्द सहीं कराएं, परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने उठाएं जरूरी कदम
संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने पीबीएम अधीक्षक से कहा कि अस्पताल में फैली सभी अव्यवस्थाओं को जल्द दूरें, इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर शुक्रवार को अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने अस्पताल का दौरा किया। शनिवार को पीबीएम पहुंचे संभागीय आयुक्त ने अधीक्षक को लिफ्ट सही कराने के निर्देश देने के साथ अन्य अव्यवस्थाओं को भी जल्द से जल्द दूर करने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में आवारा पशु का प्रवेश न हो इसके लिए प्रभावशाली कदम उठाए जाएं। बता दें कि पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर 'राजस्थान: पीबीएम अस्पताल में मेडिकल अवशेष मुंह में दबा घूम रहे कुत्ते, लिफ्ट भी चलती नहीं ऐसे कैसे बनेगा निरोगी राजस्थान' शीर्षक से अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी।
अस्पताल में लगी दोनों लिफ्ट खराब हैं
संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मरीजों की सुविधा के लिए यहां लगाई गईं दोनों लिफ्ट खराब पड़ी हैं। पीबीएम के जनाना अस्पताल में लगी लिफ्ट बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हो रही जिन्हें सोनोग्राफी या किसी दूसरी जांच के लिए पहली मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर आना पड़ता है। परिजन स्ट्रेचर पर लिटा मरीज को रैंप से नीचे उतरते हैं।
मरीजों को रैंप से नीचे ला रहे परिजन
मर्दाना अस्पताल के पीबीएक्स के पास लगी लिफ्ट भी कई महीनों से खराब है। ऐसे में मरीजों को जांच कराने के लिए रैंप के जरिए नीचे लाया जा रहा है, लेकिन रैंप भी जगह-जगह से टूटे होने के कारण हादसा होने का डर हमेशा बना रहता है। हैरानी की बात तो यह भी है कि संभाग से सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में कुत्तों के आतंक से भी मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। यहां जनाना ओटी के बाहर कचरा पात्र रखे हुए हैं। इनमें ऑपरेशन या डिलीवरी के बाद मेडिकल अवशेष डाले जाते हैं। कुत्ते इन्हें मुंह में दबाकर अस्पताल परिसर के साथ-साथ वार्ड के अंदर भी घूम रहे हैं।
कुत्ते टहलते रहते हैं, गार्ड बैठे रहते हैं
अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन इन्हें अस्पताल परिसर में घूम रहे कुत्ते नहीं दिखाई देते। वार्ड के भीतर भी कुत्ते टहलते रहते हैं और गार्ड बैठे रहते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज ने कहा कि यहां कुत्तों के कारण हम परेशान हो गए हैं। कुत्ते जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं साथ ही उनके काटने का भी डर भी बना रहता है।