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Rajasthan: आदमखोर बंदरों से परेशान ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल पर जड़ा ताला, लोग घरों में दुबकने पर मजबूर

Fri, 22 Jul 2022 03:45 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Fri, 22 Jul 2022 03:45 PM IST
सार

स्कूल के बच्चों के साथ ग्रामीणों को भी खा चुके हैं बंदर, ग्रामीणों ने स्कूल का लगाया ताला, बंदरों के आतंक से भयभीत हैं ग्रामीण

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terror of monkeys in Dubepura villagers protested against the administration by locking the school
राजस्थान के धौलपुर में बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगा दिया - फोटो : amar ujala

विस्तार

धौलपुर के करीब 1200 की आबादी वाले गांव दुबेपुरा के ग्रामीण इन दिनों बंदरों के आतंक से भयभीत है। आदमखोर बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों की मदद के लिए प्रशासन के साथ—साथ ग्राम पंचायत स्तर पर कोई सुनवाई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बंदर उन्हें चोट पहुंचाते है। उच्च प्राथमिक विद्यालय में बंदरों ने छात्रों को भी अपना निशाना बनाया है। प्रशासन से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह विद्यालय पर ताला जड़ दिया। बाद में स्कूल पहुंचे शिक्षकों ने ग्रामीणों को समझा—बुझाकर स्कूल का ताला खुलवाया। 
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आदमखोर बंदरों ने 1 साल में गांव के 12 लोगों को अपना शिकार बना लिया है। जिनमें तीन स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे शामिल हैं। स्कूल की प्रधानाध्यापिका आशा राजोरिया ने बताया कि स्कूल पहुंचने के बाद बच्चे कमरे से बाहर नहीं निकल सकते हैं। पढ़ाई के दौरान शौच जाने में भी डर लगता है। हर समय स्कूल और गांव की गलियों में बंदर घूमते रहते है। ग्रामीण सुनील दुबे ने बताया कि कई बार प्रशासन के साथ वार्ड पंच को भी बंदरों की भी शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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इन लोगों को बनाया शिकार
पिछले 1 साल में आदमखोर बंदरों ने 12 लोगों को अपना शिकार बना लिया है। जिसमें बंदर स्कूल में पढ़ने वाले अन्नू, रजनी, मोहित सहित गांव के रहने वाले निखिल, निशा, पिंकी, सुनील, गोलो, श्रीकांत, रामखिलाड़ी, लक्ष्मी देवी और दीपो को अपना शिकार बना चुके हैं।
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स्कूल के साथ ग्रामीणों ने की कई बार शिकायत
बंदरों की आतंक से भयभीत ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन के साथ वार्ड पंच को शिकायत की है। ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों को पकड़वाने के लिए 1 साल से गांव के वार्ड पंच बांके बिहारी शर्मा से कई बार कहा गया है। शिकायत के बावजूद अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

सरपंच बोले मामला संज्ञान में
दुबेपुरा गांव में बंदरों के आतंक को लेकर सरपंच प्रतिनिधि हरिकिशन ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं के सामने आ चुकी है। कई बार एसडीएम के साथ प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने जल्द ही बंदरों की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है।


गांव की हर छत पर मौजूद है बंदर
दुबेपुरा गांव में करीब 200 घर हैं। जिधर भी नजर जाएगी उधर सिर्फ बंदर ही बंदर नजर आते हैं। बंदरों के डर से लोग हर वक्त घरों में दुबके रहते हैं। स्कूल के समय में अभिभावक डंडो के साथ अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं और फिर लाने। स्कूल बंद होने के बाद पूरे गांव में बंदरों की वजह से कर्फ्यू जैसे हालात हो जाते हैं।

 
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