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स्वाइन फ्लू ने राजस्थान की राजनीति में लगाई आग

Fri, 30 Jan 2015 11:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो / जयपुर।
अमर उजाला ब्यूरो / जयपुर। Updated Fri, 30 Jan 2015 11:35 AM IST
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swinflu agenda in rajasthan politics

राजस्थान में स्वाइन फ्लू पर राजनीति तेज हो गई है और कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है। राज्य में जनवरी में स्वाइन फ्लू से मरनेवालों की संख्या २९ पहुंच गई है। कांग्रेस ने इस मामले में राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इधर, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग चेत गया है और अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

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नई साल के पहले महीने की शुरूआत में ही स्वाइन फ्लू से एक दो लोगों मौतें हुर्इं, तब भी विभाग नहीं चेता। फ्लू से मौतों का आंकड़ा दो दर्जन तक पहुंचने के बाद भी विभाग ने गम्भीरता नहीं बरती। मुख्यमंत्री के दखल के बाद विभाग ने फ्लू को गम्भीरता से लेना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग केंद्र के कोटे से मिलने वाली टेमीफ्लू की टेब्लेट्स प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजे जाने की जगह अन्य राज्यों को सप्लाई कर रहा था।
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प्रदेश लगातार केरल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में टेमीफ्लू की आपूर्ति करता रहा, लेकिन राजस्थान में यह जानलेवा बीमारी पैर पसारती रही। मुख्यमंत्री के दखल के बाद टेमी फ्लू की अन्य राज्यों में आपूर्ति रोक दी गई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब पहले प्रदेश की स्थिति को देखा जाएगा उसके बाद अन्य प्रदेशों के बारे में सोचा जाएगा।

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सरकार पहले ही चेत जाती, तो इतनी मौते न होती

swinflu agenda in rajasthan politics

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर स्वाइन फ्लू को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार पहले ही चेत जाती, तो इतनी मौते नहीं होती। हर रोज एक दो लोगों की मौत की खबर आ रही है, लेकिन चिकित्सा विभाग इस मामले में बहुत कुछ कर पाने में समर्थ नजर नहीं आ रहा है।

चिकित्सा विभाग की लापरवाही के कारण स्वाइन फ्लू महामारी के रूप में पैर पसार रहा है। करोडो रूप्ए का बजट होने के बावजूद सरकार इस बीमारी पर काबू पाने में नाकाम रही हैं। सरकार स्थिति की भयावहता को समझ ही नहीं पा रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री को खुद पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग करनी चाहिए।

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