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Sirohi News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, वक्ताओं ने राष्ट्रपति के जीवन को बताया सीख
Sat, 08 Mar 2025 06:58 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 06:58 PM IST
सार
वक्ताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की।
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सिरोही में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय, सिरोही के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय सामान्य चिकित्सालय परिसर, सिरोही में संगोष्ठी भाषण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए उससे प्रेरणा लेने को प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर सेवानिवृत जिला शिक्षा अधिकारी गणपत सिंह देवड़ा ने मातृशक्ति को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर बधाई देते हुए कहा कि महिलाए विभिन्न क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। देवड़ा ने मातृशक्ति से आह्वान किया कि बहन बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षा से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन मे असफ़लता और उतार चढ़ाव से निराश न होकर सदैव अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
वार्ताकार वरिष्ठ योगाचार्य भीक सिंह भाटी ने कहा कि महिलाओं की घर परिवार को संभालने में अत्यधिक जिम्मेदारी होने के कारण अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाती, जिसके कारण एनीमिया, तनाव इत्यादि समस्याओं से गुजरना पड़ता है। भाटी ने मातृशक्ति से अनुरोध किया कि नियमित दिनचर्या, योग-प्राणायाम व संतुलित भोजन से स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। केंद्रीय संचार ब्यूरो, सिरोही के प्रभारी अधिकारी फूलचंद गहलोत ने कहा कि महिला समानता और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। मगर इन प्रयत्नों की गति को तेज करने की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि जहां एक ओर लड़कियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वहीं अपने परिवार और समाज के लड़कों को भी महिलाओं के सम्मान के लिए जागरूक करना जरूरी है। गहलोत ने मातृशक्ति से कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और लैंगिक मतभेद जैसी बुराइयों का विरोध करने का आव्हान किया। गहलोत ने आपातकालीन स्थितियों में चन्द मिनटों में पुलिस सुरक्षा सुलभ कराने के लिए राजकोप सिटीजन एप हर महिला और बालिकाओं को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने की आवश्यकता बताया। महाविद्यालय प्राचार्य सुनीता रानी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विचार रखते हुए कार्यक्रम आयोजक और वार्ताकार का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान भाषण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई एवं विजेता प्रतिभागियों को ब्यूरो की ओर से विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया गया।
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इस अवसर पर सेवानिवृत जिला शिक्षा अधिकारी गणपत सिंह देवड़ा ने मातृशक्ति को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर बधाई देते हुए कहा कि महिलाए विभिन्न क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। देवड़ा ने मातृशक्ति से आह्वान किया कि बहन बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षा से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन मे असफ़लता और उतार चढ़ाव से निराश न होकर सदैव अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
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वार्ताकार वरिष्ठ योगाचार्य भीक सिंह भाटी ने कहा कि महिलाओं की घर परिवार को संभालने में अत्यधिक जिम्मेदारी होने के कारण अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाती, जिसके कारण एनीमिया, तनाव इत्यादि समस्याओं से गुजरना पड़ता है। भाटी ने मातृशक्ति से अनुरोध किया कि नियमित दिनचर्या, योग-प्राणायाम व संतुलित भोजन से स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। केंद्रीय संचार ब्यूरो, सिरोही के प्रभारी अधिकारी फूलचंद गहलोत ने कहा कि महिला समानता और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। मगर इन प्रयत्नों की गति को तेज करने की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि जहां एक ओर लड़कियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वहीं अपने परिवार और समाज के लड़कों को भी महिलाओं के सम्मान के लिए जागरूक करना जरूरी है। गहलोत ने मातृशक्ति से कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और लैंगिक मतभेद जैसी बुराइयों का विरोध करने का आव्हान किया। गहलोत ने आपातकालीन स्थितियों में चन्द मिनटों में पुलिस सुरक्षा सुलभ कराने के लिए राजकोप सिटीजन एप हर महिला और बालिकाओं को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने की आवश्यकता बताया। महाविद्यालय प्राचार्य सुनीता रानी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विचार रखते हुए कार्यक्रम आयोजक और वार्ताकार का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान भाषण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई एवं विजेता प्रतिभागियों को ब्यूरो की ओर से विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया गया।