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Sirohi News: किसान जैविक खेती के साथ करें तकनीक का उपयोग, होगा लाभदायक साबित
Sat, 08 Feb 2025 09:30 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2025 09:30 PM IST
सार
राजस्थान के सिरोही जिले में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में फलोत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण समारोह पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस दौरान किसान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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किसानों का दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कृषि विज्ञान केंद्र सिरोही और वानिकी एवं उद्यानिकी महाविद्यालय झालावाड़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में फलोत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण समारोह पूर्वक सम्पन्न हुआ। इसमें जनजातीय क्षेत्र की 65 महिलाओं ने सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रही।
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समारोह में मुख्य अतिथि एवं जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी का कहना था कि अब समय परम्परागत खेती का नहीं रहा है। अब नवीन तकनीकी के बारे में जानकारियां लेकर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करना आवश्यक है। इससे कम क्षेत्रफल में भी अधिक उत्पादन हासिल कर शुद्ध आमदनी में बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने मंगला पशु बीमा योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना में पशुपालकों के गाय, भैस, भेड़, बकरी और ऊटों की आकस्मिक मृत्यु पर पशुपालक किसानों को आर्थिक संबल प्रदान होगा।
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उन्होंने संरक्षित खेती वैज्ञानिक रूप से करने पर जोर देते हुए बाजार की मांग के आधार पर करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उन्हें उचित बाजार भाव मिल सकेगा। किसानों को नवाचार अपनाने के लिए हमेशा तत्पर रहने का संदेश दिया तथा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रकाशनों का विमोचन भी किया। कृषि विज्ञान केंद्र सिरोही के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार खींची ने केंद्र की गतिविधियों से प्रतिभागियों को अवगत करवाते हुए किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी करने के क्षेत्र में किए गए प्रयासों एवं सिरोही जिलें में उद्यानिकी फसलों की उपयोगिता के बारे में बताया। इसके साथ-साथ कौशल आधारित कृषिगत रोजगार के लिए प्रशिक्षण एवं सतत कृषि उत्पादन की जानकारी दी।
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डॉक्टर हेमराज मीणा, सहायक निदेशक उद्यान सिरोही ने प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उद्यान विभाग द्वारा जिले में उद्यानिकी से संबंधित चल रही गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में बताया। संरक्षित खेती के माध्यम से कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन लेकर आय वृद्धि करने के प्रयास करने तथा अन्य किसानों को भी इससे जोड़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. पन्नालाल चौधरी कृषि अधिकारी, (उद्यान) ने राष्ट्रीय बागवानी संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय झालावाड़ से पधारे सहायक आचार्य डॉ. लादूराम ने पपीते एवं सीताफल की खेती के बारे में जानकारी दी तथा सहायक आचार्य डॉ. निर्मल कुमार ने सिरोही जिले में उद्यानिकी फसलों की अत्यधिक संभावनाओं के बारे में उपस्थित कृषकों को जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह जैतावत द्वारा किया गया। उन्होंने सब्जियों में खाद, उर्वरक एवं खरपतवार प्रबंधन के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केंद्र, सिरोही के डॉ. हरि सिंह, फार्म मैनेजर सुशील कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ महेन्द्र सिंह, वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता, सुरेन्द्र सिंह ऑर्ब्जवर, नारायण सिंह तथा आकाश खत्री ने योगदान दिया।
मुख्यमंत्री लाडो योजना के बारे में दी जानकारी
समारोह में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाशचंद अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री लाडो प्रोत्साहन योजना में एक अगस्त 2024 के बाद जन्मी बालिकाओं के लिए एक लाख रुपये का भुगतान सात किश्तों में ऑनलाइन लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कराया जाता है। इसके लिए दस्तावेजों में मूल निवास प्रमाण पत्र की प्रति, बैंक पासबुक की प्रति और जन आधार की प्रति होना आवश्यक है। इसके साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि जिले के किसान विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए नवीनतम तकनीक का उपयोग करें तो कम खर्च में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।