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Sirohi News: कृषि मंडी समिति सुपरवाइजर रिश्वत लेते गिरफ्तार, जुर्माना सेटलमेंट के एवज में मांगी थी राशि
Thu, 13 Mar 2025 11:14 AM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 11:14 AM IST
सार
आबूरोड में एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए कृषि मंडी समिति के सुपरवाइजर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने घी व्यापारी से 1.20 लाख रुपए के कंपाउंड शुल्क के निपटारे के एवज में रिश्वत मांगी थी।
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एसीबी एएसपी रामेश्वरलाल
विस्तार
आबूरोड में एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए कृषि मंडी समिति के सुपरवाइजर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने घी व्यापारी से 1.20 लाख रुपए के कंपाउंड शुल्क के निपटारे के एवज में रिश्वत मांगी थी।
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जिले के आबूरोड में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि मंडी समिति के सुपरवाइजर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने जुर्माना सेटलमेंट करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। एसीबी टीम द्वारा आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपी को सिरोही ले जाया गया।
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जानकारी के अनुसार कृषि मंडी समिति के सुपरवाइजर ओमप्रकाश ने एक व्यापारी से 1.20 लाख रुपये की कंपाउंड राशि को निपटाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की थी। इस संबंध में पीड़ित व्यापारी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन के बाद एसीबी सिरोही के एएसपी रामेश्वरलाल के नेतृत्व में टीम ने कृषि मंडी समिति कार्यालय में दबिश दी। जैसे ही व्यापारी ने आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
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जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी की बैठक
इधर जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी और जिला स्तरीय आधार मॉनिटरिंग कमेटी (डीएलएएमसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने की, जिसमें जिले में संचालित विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में ई-मित्र, आधार परियोजना, राजनेट, एफटीटीएच, अभय कमांड परियोजना और लाडली सुरक्षा योजना जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। ई-मित्र कियोस्क पर अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए और कहा गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कियोस्कों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुपात के अनुसार ही ई-मित्र केंद्र खोले जाएं और सरकारी विभागों में ई-मित्र केंद्र स्थापित किए जाएं।
बैठक में आधार सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने 5 से 15 वर्ष के बच्चों के आधार अपडेट को अनिवार्य करने के निर्देश दिए ताकि उनके आधार कार्ड सस्पेंड न हों। इसके लिए विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने और बैनर लगाने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि वे अधिक से अधिक आधार नामांकन कराएं। ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी विशेष आधार नामांकन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें कोषाधिकारी अल्का सिंह, डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता हेमेन्द्र जिंदल, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार मीणा, जिला सूचना अधिकारी महेंद्र सिंह कच्छवाहा, मुख्य आयोजना अधिकारी राजेश वर्मा और लीड बैंक मैनेजर उदाराम मीणा शामिल थे।
डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं। अब सीसीटीवी कैमरों और अभय कमांड सेंटर के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही, सरकारी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आम जनता तक सुगमता से पहुंचाने के लिए ई-मित्र केंद्रों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं को भी अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।