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Sirohi News: 6वीं इंटरनेशनल हॉफ मैराथन कल, चार देशों के 35 सौ धावक लगाएंगे 21.9 किलोमीटर लंबी दौड़
Sat, 17 Aug 2024 05:48 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2024 05:48 PM IST
सार
21.9 किमी की इस मैराथन में की शुरुआत मनमोहिनीवन में सवेरे 6 बजे की जाएगी। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 17वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
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6 वीं आबूरोड से माउंटआबू इंटरनेशनल हॉफ मैराथन की तैयारियां पूरी, कल सवेरे 6 बजे 4 देशों के 3500
- फोटो : credit
विस्तार
6वीं आबूरोड से माउंटआबू इंटरनेशनल हॉफ मैराथन की देर शाम तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। कल सवेरे 6 बजे भारत सहित 4 देशों से पहुंचे 35 सौ धावक दौड़ लगाएंगे। इनमें 12वीं क्लास में पढ़ रहे विद्यार्थी से लेकर 67 साल के बुजुर्ग शामिल हैं। कई प्रोफेशनल रनर हैं तो कई शौकिया तौर पर दौड़ लगाते हैं।
मैराथन का आयोजन ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 17वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। 21.9 किमी की इस मैराथन में की शुरुआत मनमोहिनीवन से सवेरे 6 बजे पैरा ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट दुतीचंद एवं 1992 की एशियाई मैराथन की गोल्ड मेडलिस्ट सुनीता गोदारा हरी झंडी दिखाकर करेंगी। सवेरे 9.30 बजे से माउंटआबू के ओम शांति भवन में पुरस्कार वितरण समारोह होगा। इस दौरान कार्यक्रम के अतिथि विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान करेंगे।
देर रात तक रनर्स का आना रहा जारी
मैराथन में भारत के हर कोने से रनर्स भाग ले रहे हैं। कई हजारों किमी का सफर तक करके आबूरोड पहुंचे। इससे देर रात तक रनर्स का आना जारी रहा। तो कई सुबह ही आबू रोड पहुंच गए और प्रैक्टिस के दौर पर आबू रोड से माउंट तक दौड़ भी लगा आए। इनका कहना है कि इससे मैराथन दौड़ने में मदद मिलेगी और रूट का भी अभ्यास हो जाता है।
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प्रथम विजेता को मिलेगी 51 हजार की राशि
मैराथन में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, सेकंड रनर को 41 हजार रुपये और तृतीय स्थाने पर आने वाले रनर को 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही प्रत्येक रनर्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
20 साल से दौड़ रहा है 57 साल का ब्रह्मप्रकाश
हरियाणा बहादुरगढ़ से आए 57 वर्षीय ब्रह्मप्रकाश मान ने बताया कि मैं 20 साल से दौड़ रहा हूं। अब तक कई मैराथन में भाग ले चुका है। पहली बार दस किमी की रेस में भाग लिया था, उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके पहले हाल ही में जयपुर में आयोजित हाफ मैराथन में प्रथम स्थान पर रहा था। मुझे इस उम्र में दौड़ता देख सभी हौसला बढ़ाते हैं। वह सामान्य डाइट ही लेता है। आज सवेरे ही 42 किमी दौड़ कर आया है। आबूरोड से माउंटआबू तक और वापस भी दौड़ कर आया है।
यहां जैसी व्यवस्था और कहीं नहीं देखी
हरियाणा से आए सेना से सेवानिवृत्त 55 वर्षीय चंद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले 10 साल से दौड़ रहा है। दौड़ना उसका जुनून है। महाराष्ट्र से आए प्रकाश कदम ने बताया कि वह 15 साल से दौड़ रहा है। 50 से ज्यादा हाफ मैराथन में दौड़ चुका है। उसने देशभर में मैराथन में भाग लिया, लेकिन ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में जैसी व्यवस्थाए कहीं नहीं मिली। यहां रनर्स से कोई चार्ज भी नहीं लिया जा रहा है। सबकुछ नि:शुल्क है। अन्य जगह रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों रुपये लेते हैं। यहां हर चीज की बहुत ही अच्छी व्यवस्था है। आगरा से आए एम.सारश्वत ने कहा कि वह कई मैराथन में भाग ले चुका है। उन लोगों ने आगरा में ही हाफ मैराथन कराई थी।
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मैराथन का आयोजन ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 17वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। 21.9 किमी की इस मैराथन में की शुरुआत मनमोहिनीवन से सवेरे 6 बजे पैरा ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट दुतीचंद एवं 1992 की एशियाई मैराथन की गोल्ड मेडलिस्ट सुनीता गोदारा हरी झंडी दिखाकर करेंगी। सवेरे 9.30 बजे से माउंटआबू के ओम शांति भवन में पुरस्कार वितरण समारोह होगा। इस दौरान कार्यक्रम के अतिथि विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान करेंगे।
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देर रात तक रनर्स का आना रहा जारी
मैराथन में भारत के हर कोने से रनर्स भाग ले रहे हैं। कई हजारों किमी का सफर तक करके आबूरोड पहुंचे। इससे देर रात तक रनर्स का आना जारी रहा। तो कई सुबह ही आबू रोड पहुंच गए और प्रैक्टिस के दौर पर आबू रोड से माउंट तक दौड़ भी लगा आए। इनका कहना है कि इससे मैराथन दौड़ने में मदद मिलेगी और रूट का भी अभ्यास हो जाता है।
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प्रथम विजेता को मिलेगी 51 हजार की राशि
मैराथन में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, सेकंड रनर को 41 हजार रुपये और तृतीय स्थाने पर आने वाले रनर को 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही प्रत्येक रनर्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
20 साल से दौड़ रहा है 57 साल का ब्रह्मप्रकाश
हरियाणा बहादुरगढ़ से आए 57 वर्षीय ब्रह्मप्रकाश मान ने बताया कि मैं 20 साल से दौड़ रहा हूं। अब तक कई मैराथन में भाग ले चुका है। पहली बार दस किमी की रेस में भाग लिया था, उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके पहले हाल ही में जयपुर में आयोजित हाफ मैराथन में प्रथम स्थान पर रहा था। मुझे इस उम्र में दौड़ता देख सभी हौसला बढ़ाते हैं। वह सामान्य डाइट ही लेता है। आज सवेरे ही 42 किमी दौड़ कर आया है। आबूरोड से माउंटआबू तक और वापस भी दौड़ कर आया है।
यहां जैसी व्यवस्था और कहीं नहीं देखी
हरियाणा से आए सेना से सेवानिवृत्त 55 वर्षीय चंद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले 10 साल से दौड़ रहा है। दौड़ना उसका जुनून है। महाराष्ट्र से आए प्रकाश कदम ने बताया कि वह 15 साल से दौड़ रहा है। 50 से ज्यादा हाफ मैराथन में दौड़ चुका है। उसने देशभर में मैराथन में भाग लिया, लेकिन ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में जैसी व्यवस्थाए कहीं नहीं मिली। यहां रनर्स से कोई चार्ज भी नहीं लिया जा रहा है। सबकुछ नि:शुल्क है। अन्य जगह रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों रुपये लेते हैं। यहां हर चीज की बहुत ही अच्छी व्यवस्था है। आगरा से आए एम.सारश्वत ने कहा कि वह कई मैराथन में भाग ले चुका है। उन लोगों ने आगरा में ही हाफ मैराथन कराई थी।