राजस्थान: रिचार्ज कराने निकला था युवक, मोबाइल पर आया 1 लाख करोड़ रुपये का मैसेज; फिर जो हुआ...
राजस्थान के सीकर जिले में मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले समीर खान उस समय हैरान रह गए, जब मोबाइल पर बैंक का मैसेज आया कि उनके खाते में एक लाख करोड़ रुपये ब्लॉक कर दिए गए हैं। बुधवार को मोबाइल रिचार्ज करते समय उन्हें यह संदेश मिला था।
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राजस्थान के सीकर जिले में एक मेडिकल स्टोर कर्मचारी उस समय हैरान रह गया, जब उसके मोबाइल पर बैंक का ऐसा मैसेज आया, जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं। मैसेज में बताया गया कि उसके बैंक खाते में एक लाख करोड़ रुपये ब्लॉक कर दिए गए हैं। हालांकि, बाद में जांच में पता चला कि यह रकम खाते में वास्तव में जमा ही नहीं हुई थी। बैंक की तकनीकी गड़बड़ी के कारण गलत मैसेज जनरेट हुआ था। इस दौरान कर्मचारी के खाते में पहले से जमा 55 हजार रुपये भी होल्ड कर दिए गए थे।
मोबाइल रिचार्ज करते समय आया एक लाख करोड़ का मैसेज
सीकर साइबर थाना के सहायक उपनिरीक्षक दीनदयाल के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के रहने वाले समीर खान बस स्टैंड के पास एक मेडिकल स्टोर पर काम करते हैं। बुधवार को वह अपने मोबाइल फोन में रिचार्ज कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर बैंक का मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि उनके बैंक खाते में एक लाख करोड़ रुपये की राशि ब्लॉक की गई है। इतनी बड़ी रकम का मैसेज देखकर समीर खान हैरान रह गए। उन्हें समझ नहीं आया कि उनके खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे आ गई और उसे ब्लॉक क्यों किया गया।
खाते में जमा 55 हजार रुपये भी हुए होल्ड
एक लाख करोड़ रुपये ब्लॉक होने का मैसेज आने के साथ ही समीर खान के खाते में पहले से जमा 55 हजार रुपये भी होल्ड कर दिए गए थे। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। उन्होंने तत्काल मेडिकल स्टोर के मालिक धीरज मटोलिया को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दोनों मामले की शिकायत लेकर साइबर पुलिस थाने पहुंचे।
जांच में सामने आई तकनीकी गड़बड़ी
मामले की जांच के बाद साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक की ओर से भेजा गया मैसेज तकनीकी गड़बड़ी के कारण जनरेट हुआ था। समीर खान के खाते में एक लाख करोड़ रुपये की कोई रकम जमा नहीं हुई थी। पुलिस के मुताबिक, समीर ने इसके बाद अपने बैंक से भी संपर्क किया। बैंक ने जांच के बाद तकनीकी त्रुटि की पुष्टि की। इसके बाद उनके खाते में होल्ड किए गए 55 हजार रुपये भी रिलीज कर दिए गए। सीकर साइबर थाना के सहायक उपनिरीक्षक दीनदयाल ने बताया कि यह पूरा मामला तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ था। जांच में एक लाख करोड़ रुपये खाते में आने की बात गलत पाई गई।