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राजस्थान: सालासर धाम में बन रही विश्व की विशाल हनुमान गदा, राम के नाम लिखे जाएंगे एक करोड़ पत्र
Sat, 31 Oct 2026 09:00 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sat, 31 Oct 2026 09:00 PM IST
सार
राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सालासर धाम में भक्ति और आस्था से जुड़ी एक अनूठी पहल की जा रही है। यहां विश्व की सबसे विशाल हनुमान गदा का निर्माण किया जा रहा है। इसी गदा के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा लेटर बॉक्स स्थापित करने की योजना है।
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राजस्थान में स्थित सालासर धाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के सालासर धाम में विश्व का सबसे विशाल हनुमान 'गदा' निर्मित किया जा रहा है। इसी गदा के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा लेटर बॉक्स स्थापित होगा। 'एक पत्र राम के नाम' अभियान के तहत प्रभु श्रीराम को एक करोड़ पत्र लिखने का विश्व रिकॉर्ड बनाने की मुहिम शुरू हुई है।
इस दिवाली पर देश-दुनिया के रामभक्तों को प्रभु श्रीराम को अपने मन की बात लिखने के लिए आमंत्रित किया गया है। श्रद्धालु अपनी प्रार्थनाएं, कृतज्ञता और आशाएं इन पत्रों के माध्यम से समर्पित कर सकेंगे। इन पत्रों को प्रिंट करके प्रस्तावित लेटर बॉक्स में सुरक्षित रखा जाएगा। यह पहल विश्व की सबसे विशाल गदा के रिकॉर्ड के लिए भी की जा रही है। इसका उद्देश्य दुनिया के हर कोने के भक्तों को भक्ति के एक सूत्र में पिरोना है।
दिवाली प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी का पर्व है, और यह पहल भक्ति को एक नया स्वरूप दे रही है। पत्र www.puresoul.co.in पर ऑनलाइन भेजे जा सकते हैं। इनमें प्रियजनों के लिए प्रार्थना, आभार या आने वाले वर्ष की कामना हो सकती है। प्योर सोल इंफ्रा के संस्थापक पुनीत आनंद ने बताया कि यह पहल हर भक्त को स्वयं से बड़े कार्य का हिस्सा बनने का अवसर देती है। ये पत्र आने वाली पीढ़ियों तक एक भक्ति-विरासत का हिस्सा बनेंगे।
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यह भी पढ़ें: कोटा: राजस्थान में महिला शिक्षक ने कराया लिंग परिवर्तन, अब मंदोदरी चौधरी नहीं रुद्र जाट के नाम से होगी पहचान
अभियान का महत्व
यह पहल उन आदर्शों से प्रेरित है, जिन्हें प्रभु श्रीराम ने जिया है। इनमें सत्य, धर्म, साहस, करुणा और कर्तव्य शामिल हैं। रामायण की परंपरा में भक्ति हृदय की सच्चाई में बसती है। यह अपने शब्दों के विनम्र अर्पण में प्रकट होती है। आयोजन स्थल सालासर धाम का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। यह गदा भगवान हनुमान को समर्पित शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। हनुमान की श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति निस्वार्थ सेवा की मिसाल है।
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इस दिवाली पर देश-दुनिया के रामभक्तों को प्रभु श्रीराम को अपने मन की बात लिखने के लिए आमंत्रित किया गया है। श्रद्धालु अपनी प्रार्थनाएं, कृतज्ञता और आशाएं इन पत्रों के माध्यम से समर्पित कर सकेंगे। इन पत्रों को प्रिंट करके प्रस्तावित लेटर बॉक्स में सुरक्षित रखा जाएगा। यह पहल विश्व की सबसे विशाल गदा के रिकॉर्ड के लिए भी की जा रही है। इसका उद्देश्य दुनिया के हर कोने के भक्तों को भक्ति के एक सूत्र में पिरोना है।
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दिवाली प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी का पर्व है, और यह पहल भक्ति को एक नया स्वरूप दे रही है। पत्र www.puresoul.co.in पर ऑनलाइन भेजे जा सकते हैं। इनमें प्रियजनों के लिए प्रार्थना, आभार या आने वाले वर्ष की कामना हो सकती है। प्योर सोल इंफ्रा के संस्थापक पुनीत आनंद ने बताया कि यह पहल हर भक्त को स्वयं से बड़े कार्य का हिस्सा बनने का अवसर देती है। ये पत्र आने वाली पीढ़ियों तक एक भक्ति-विरासत का हिस्सा बनेंगे।
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अभियान का महत्व
यह पहल उन आदर्शों से प्रेरित है, जिन्हें प्रभु श्रीराम ने जिया है। इनमें सत्य, धर्म, साहस, करुणा और कर्तव्य शामिल हैं। रामायण की परंपरा में भक्ति हृदय की सच्चाई में बसती है। यह अपने शब्दों के विनम्र अर्पण में प्रकट होती है। आयोजन स्थल सालासर धाम का आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। यह गदा भगवान हनुमान को समर्पित शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। हनुमान की श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति निस्वार्थ सेवा की मिसाल है।