Rajasthan: कई मांगों को लेकर सिग्नल मेंटेनर संगठन ने रेल मंत्री को दी चिट्ठी, सही शेड्यूल बनाने की भी मांग
Rajasthan: इंडियन रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) ने रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव को अपनी मांगों की एक सूची सौंपी है। इन मांगों में खाली पदों को भरना और जोखिम व कठिनाई भत्ता को मंजूरी दिलाना शामिल है। यह सूची मंगलवार को राजस्थान के सवाई माधोपुर में मंत्री को सौंपी गई। यूनियन सिग्नल और टेलीकॉम मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करती है।
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रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव को अपनी मांगों की एक सूची सौंपी है। ये सूची इंडियन रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन ने दी है। यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने बताया कि मंत्री ने उनकी मांगों पर ध्यान देने और सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया है। यूनियन खाली पदों को जल्द से जल्द भरने और ड्यूटी के लिए एक सही शेड्यूल बनाने की मांग कर रही है। इसके अलावा, जोखिम और कठिनाई भत्ता को मंजूरी दिलाने के लिए भी वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया गया है।
यूनियन के एक अन्य पदाधिकारी ने बताया कि 2017 के बाद से एसएंडटी विभाग में कोई नई भर्ती नहीं हुई है, जबकि इस दौरान रेलवे की सिग्नल और टेलीकॉम सुविधाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है। यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर इन मुद्दों पर ध्यान देने और वित्त मंत्रालय से भत्ते की मंजूरी दिलाने की मांग की है। यूनियन ने यह भी कहा है कि रेलवे बोर्ड में सिग्नल और टेलीकॉम विभाग का सदस्य पद फिर से बहाल किया जाए।
इधर, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार ने हाल ही में वित्त मंत्रालय को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने रेलवे में नए गैर-राजपत्रित पदों की मांग की है। उन्होंने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में रेलवे की संपत्तियों में काफी वृद्धि हुई है। सिग्नल विभाग की संपत्तियों में हुई बढ़ोतरी पर ध्यान देते हुए कुमार ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में ट्रैक सर्किट्स में 269 प्रतिशत, सिग्नल्स में 28 प्रतिशत और ऑटोमैटिक सिग्नलिंग में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। भारतीय रेलवे सिग्नल एवं टेलीकॉम मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) के महासचिव, प्रकाश ने कहा कि संपत्तियों में इस वृद्धि से सिग्नल मेनटेनरों पर काम का दबाव बढ़ गया है, क्योंकि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में काम करना पड़ता है।
ड्यूटी रोस्टर अहम मांग
प्रकाश ने यह भी कहा कि "ड्यूटी रोस्टर" भी एक महत्वपूर्ण मांग है, क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। इससे न केवल उनके कामकाज पर असर पड़ता है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है। इसके अलावा, IRSTMU ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर "जोखिम और कठिनाई भत्ता" को मंजूरी दिलाने की मांग की है। प्रकाश ने रेलवे बोर्ड के एक फैसले का विरोध भी किया, जिसमें सदस्य (S&T) के पद को सदस्य (इंफ्रास्ट्रक्चर) के साथ मिला दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि यह पद फिर से बहाल किया जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की कि एएम (सिग्नल) का पद भी फिर से वापस लाया जाए, जिसे 1 जुलाई 2023 को बदलकर विशेष डीजी (सिग्नल) के रूप में लखनऊ भेज दिया गया था।