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Bikaner: सरकार के कान तक नहीं पहुंच रही आवाज, जेल प्रहरियों के मेस बहिष्कार का दिखने लगा बुरा असर

Sun, 15 Jan 2023 02:49 PM IST
अर्पित याग्निक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: अर्पित याग्निक Updated Sun, 15 Jan 2023 02:49 PM IST
सार

वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर में जारी जेल प्रहरियों के मेस बहिष्कार का बुरा असर दिखने लगा है। भूखे पेट काम करने वाले सात प्रहरियों को हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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Seven jail guards admitted to hospital
जेल प्रहरी अस्पताल में भर्ती - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर में जेल प्रहरियों का मेस बहिष्कार जारी है। दो दिन से जारी इस बहिष्कार का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। शुक्रवार को बीकानेर सेंट्रल जेल में मेस का बहिष्कार कर अपनी ड्यूटी कर रही छह महिला जेल प्रहरियों सहित एक पुरुष जेल प्रहरी की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उपचार के लिए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल लाया गया।

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बता दें कि बीकानेर सहित प्रदेश की विभिन्न जेलों के प्रहरियों ने अनिश्चितकालीन मेस बहिष्कार की घोषणा करते हुए ड्यूटी करने का ऐलान किया है। जेल में बंद हार्डकोर कैदियों के बीच अपनी ड्यूटी देने वाले जेल प्रहरियों ने अपनी वेतन विसंगति सहित 32 विभिन्न मांगों को लेकर भूखे पेट रहकर मेस का बहिष्कार कर रखा है।
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महिला जेल प्रहरी पूनम चौधरी का कहना है कि उनकी ड्यूटी आरएसी और पुलिस से भी मुश्किल है और उनके समकक्ष ही उनकी ड्यूटी शुरू की गई थी और उनके वेतन में भी कोई कमी नहीं थी। लेकिन धीरे-धीरे जेल में कार्यरत जेल प्रहरी और आरएसी व पुलिस के जवानों के बीच वेतन की खाई गहरी होती गई। फिलहाल सात जेल प्रहरी पूनम चौधरी, बीदामी देवी, प्रेम गोदारा, संतोष मीणा, सीमा मीणा, श्रवण राम को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सरकार से जल्द निर्णय लेने की गुहार
सरकार ने पुलिसकर्मियों कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल की ग्रेड-पे और जेल प्रहरी, मुख्य प्रहरी की ग्रेड-पे में अंतर कर रखा है। जेल प्रहरी चाहते हैं कि उनका ग्रेड-पे लेवल तीन से बढ़ाकर लेवल पांच की जाए। पुलिस में ग्रेड पांच चलती है। यह अंतर कई सालों से चला आ रहा है। मौजूदा कांग्रेस सरकार ने भी चुनाव से पहले यह अंतर खत्म करने की बात कही थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी समान वेतनमान नहीं दिया गया। प्रहरियों ने मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द सरकार व प्रशासन निर्णय लें, जिससे उन्हें राहत मिल सके।

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