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सीकर: पानी से भरे अंडरपास में फंसी बस, 60 सीट वाली स्कूल बस में बैठे थे 100 बच्चे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:00 PM IST
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सीकर जिले में पानी से भरे अंडरपास में फंसी स्कूल बस से बच्चों को निकालते लोग
- फोटो : ANI
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भारी बारिश पर किसी का नियंत्रण नहीं हो सकता। लेकिन राजस्थान के सीकर जिले में एक स्कूल बस चालक की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी। चालक ने स्कूल बस को अंडरपास में उतार दिया जो लबालब पानी से भरा हुआ था। इसके कारण स्कूल बस आधी से ज्यादा डूब गई। बस में छोटी कक्षाओं के बच्चे ज्यादा थे। बच्चों की चीख पुकार के बाद स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को बस से बाहर निकाला गया।
स्कूल बस चालक की लापरवाही का आलम यह था कि 60 लोगों के बैठने की क्षमता वाले बस में उसने 100 से ज्यादा बच्चों को बैठा लिया। अंडरपास में पानी भरा देखने के बावजूद उसने बस को पानी में उतार दिया।
बता दें कि नीमकाथाना में सरस्वती स्कूल ग्रुप की बस सुबह साढ़े सात बजे जीलो, मावंडा व जाटांला के बच्चों को लेकर लौट रही थी। बालाजी नगर के अंडरपास में छह फीट तक पानी भरा हुआ था। बस जैसे ही अंडरपास के बीच में पहुंची इंजन में पानी भरने से बस बंद हो गई।
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बस में पानी भरने लगा जिससे बच्चों में अफरा तफरी बच गई। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास से गुजरने वाले लोग उनकी मदद को पहुंचे। स्थानीय लोगों ने सीढ़ियों और रस्सियों की मदद से बच्चों को बस से बाहर निकाला। इस दौरान बस में सवार टीचर ने बच्चों को ढाढस बंधाया और जल्द बस से बाहर निकालने का भरोसा दिलाया।
धटनास्थल में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की खबर मिलते ही स्कूल प्रबंधन भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद दूसरी बस का इंतजाम कर बच्चों को स्कूल ले जाया गया।
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स्कूल बस चालक की लापरवाही का आलम यह था कि 60 लोगों के बैठने की क्षमता वाले बस में उसने 100 से ज्यादा बच्चों को बैठा लिया। अंडरपास में पानी भरा देखने के बावजूद उसने बस को पानी में उतार दिया।
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बता दें कि नीमकाथाना में सरस्वती स्कूल ग्रुप की बस सुबह साढ़े सात बजे जीलो, मावंडा व जाटांला के बच्चों को लेकर लौट रही थी। बालाजी नगर के अंडरपास में छह फीट तक पानी भरा हुआ था। बस जैसे ही अंडरपास के बीच में पहुंची इंजन में पानी भरने से बस बंद हो गई।
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बस में पानी भरने लगा जिससे बच्चों में अफरा तफरी बच गई। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास से गुजरने वाले लोग उनकी मदद को पहुंचे। स्थानीय लोगों ने सीढ़ियों और रस्सियों की मदद से बच्चों को बस से बाहर निकाला। इस दौरान बस में सवार टीचर ने बच्चों को ढाढस बंधाया और जल्द बस से बाहर निकालने का भरोसा दिलाया।
धटनास्थल में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की खबर मिलते ही स्कूल प्रबंधन भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद दूसरी बस का इंतजाम कर बच्चों को स्कूल ले जाया गया।