भाई डॉक्टर था और मैं कंपाउंडर बनने लायक भी नहीं: शत्रुघ्न
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वरिष्ठ भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि पुणे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) में चल रहे विवाद का वह जल्द ही कोई हल लेकर सामने आएंगे। इस मामले में उनकी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात हुई है।
एक-दो दिन में वह दिल्ली में इस बारे में हुई चर्चा को सामने रखेंगे। जयपुर में रोटरी क्लब जयपुर नॉर्थ के शपथग्रहण समारोह में आए शत्रुघ्न ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने केजरीवाल से हुई वार्ता का ब्यौरा देने से मना कर दिया।
खुद को मंत्री न बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तो आलाकमान की सोच है कि किसे मंत्री बनाना है। मेरी इच्छा एक ही है कि देश आगे बढ़े और उसमें मैं किस तरह से योगदान दे सकूं।
उन्होंने कुछ नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप प्रजातंत्र देखो, कई बार जो काबिल नहीं होता है, उसे भी मंत्री बनवा देता है। कहा, मेरे भाई डॉक्टर थे और में कंपाउंडर बनने लायक भी नहीं था लेकिन देश का स्वास्थ्य मंत्री भी बना।
याकूब के सवाल पर बोले खामोश
मीडिया ने जब उनसे याकूब मेनन की फांसी के बारे में राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखे जानेे का सवाल पूछा तो शत्रु ने अपना प्रसिद्ध डॉयलाग बोला, ‘क्या बोलते हो बरखुरदार... खामोश।’
प्रदेश भाजपा ने बनाई दूरी
बिहार की राजनीति में शत्रुघ्न को लेकर चल रही उठापटक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी दूरी का नतीजा था कि पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता होने के बावजूद प्रदेश भाजपा का एक भी पदाधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा।
इस बारे में जब शत्रुघ्न से पूछा गया तो उन्होंने कि मैंने यहां किसी को नहीं बुलाया था, बाकी वे क्यों नहीं आए, ये उनसे पूछिए।