फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Right to health bill passed in Rajasthan Assembly, Doctors protest refused

Right To Health: राजस्थान विधानसभा में 'राइट टू हेल्थ' बिल पास, विधानसभा में 2 घंटे बहस के बाद बिल पारित

Tue, 21 Mar 2023 05:11 PM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: नीरज शर्मा Updated Tue, 21 Mar 2023 05:11 PM IST
सार

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को विवादित राइट टू हेल्थ बिल पास हो गया। डॉक्टर्स के तमाम विरोध के बावजूद यह बिल बहुमत से पास हो गया। बीजेपी की मांगों को भी सरकार ने मान लिया। तो रणनीतिक तौर पर बीजेपी वॉकआउट भी नहीं कर सकी।

विज्ञापन
Right to health bill passed in Rajasthan Assembly, Doctors protest refused
राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल पास, विधानसभा में 2 घंटे बहस के बाद बिल पारित - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

राजस्थान सरकार ने राइट टू हेल्थ बिल राजस्थान विधानसभा में पास करवा दिया। सभापति राजेंद्र पारीक ने आसन से पूछा- प्रश्न यह है कि प्रवर समिति द्वारा प्रतिवेदित  राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक 2022 को जनमत मानने के लिए परिचारित किया जाए।
विज्ञापन


विज्ञापन


इस पर 'ना पक्ष' जीता और विधेयक को जनमत जानने के लिए संशोधन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया। फिर सभापति ने कहा प्रश्न यह है कि प्रवर समिति द्वारा प्रतिवेदित राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक 2022 को विरारार्थ लिया जाए। इस पर 'हां पक्ष' जीता और विधेयक को विचारार्थ लिया गया। 'खण्ड 2 से 20' तक कोई संशोधन नहीं किया गया। 2 से 20 तक खण्ड बहुमत के आधार पर स्वीकार किए गए। इसके बाद खण्ड एक अधिनियम, नाम, सूत्र नाम आदि स्वीकार करने के लिए कहा गया।  इसमें भी 'हां पक्ष' जीता और खण्ड एक स्वीकार किया गया।  इसके बाद सभापति ने प्रभारी मंत्री को बोलने के लिए कहा। तो मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा-सभापति महोदय मैं आपकी अनुमति से प्रस्ताव करता हूं कि प्रवर समिति द्वारा प्रतिवेदित राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक 2022 को पारित किया जाए। सभापति ने फिर पूछा- प्रश्न यह कि प्रवर समिति द्वारा प्रतिवेदन राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक 2022 को पारित किया जाए। इसमें 'हां पक्ष' जीता और विधेयक को पारित कर दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हम बेसिकली बिल के सिद्धांत के विरोध में नहीं, चाहते हैं यह बिल आए- राजेंद्र राठौड़

इससे पहले उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- स्टेक होल्डर्स पर तो लाठीचार्ज कर रहे हैं। अभी वहां उन्होंने अनाउंस किया है कि पांच लोग आत्महत्या करेंगे। ये किस तरह का वातावरण है। जिनको काम में लेना चाहते हैं उनको विश्वास में नहीं ले पाए। राठौड़ ने कहा- हम बेसिकली इस बिल के सिद्धांत के विरोध में नहीं हैं। हम भी चाहते हैं कि यह बिल आए, लेकिन इस प्रकार अगर बिल आएगा, हमारे खुदके हॉस्पिटल में फैकल्टी नहीं है, खुदके इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है और निजी चिकित्सालयों पर ये बात लादें।

मंत्री ने राठौड़ को दिया आश्वासन- 50 बेड के हॉस्पिटल वाली बात रूल्स में डाल देंगे

राठौड़ ने कहा- इसलिए मैं निवेदन करूंगा कि आप 50 बेडेड मल्टी सुपर स्पेशियलिटी वाली बात और रिड्रेसल के लिए 1 विंडो सिस्टम हो ये बात आप सदन में खड़े होकर कहो, नहीं कहो, तो हम जाते हैं आप अपना पास कराओ। इस पर प्रभारी मंत्री परसादीलाल मीणा ने सदन में कहा- उपनेता महोदय को कमेटी में भी आश्वस्त कर चुका, हम 50 बेड स्पेशियलिटी हॉस्पिटल डाल देंगे, रूल्स में डाल देंगे। ये आप विश्वास रखिए। हमारी हाउस में कही हुई बात कभी खराब नहीं होती है। 


सरकार से जिन प्राइवेट अस्पतालों ने रियायती जमीनें लीं हैं उन्हें RTH में लाएंगे-चिकित्सा मंत्री

राइट टू हेल्थ विधेयक पास कराने से पहले चिकित्सा और स्वास्थ्य  मंत्री परसादी लाल मीणा ने स्पष्ट करते हुए सदन में कहा कि सरकार ने जिन भी अस्पतालों को रियायती दरों पर जमीन दी हैं, उन सभी अस्पतालों को निश्चित तौर पर स्वास्थ्य के अधिकार और चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कई अस्पताल मरीजों के साथ चीटिंग करते हैं।  उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल तो उसके दायरे में आएंगे ही, प्राइवेट अस्पताल भी आएंगे। मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा- सरकार डॉक्टर्स से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा वह आंदोलन करें उन्हें अधिकार है किसने रोका है। लेकिन मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने हमें गरीब के इलाज करने के लिए कहा है, वह हम करके रहेंगे। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने विधानसभा में कहा कि प्रवर समिति की ओर से दिए गए सभी सुझावों को निश्चित तौर पर माना गया है और रूल्स में भी माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जब  विधेयक के लिए  रूल्स बनेंगे तो उन सभी प्रावधानों को शामिल किया जाएगा। मंत्री मीणा ने कहा प्रवर समिति में सभी सदस्यों के सुझाव लिए गए, हमने डॉक्टर्स से भी बातचीत की, आईएमए के भी दो चिकित्सक प्रतिनिधि रखे गए। जो-जो कहा गया, जो सुझाव मिले सरकार ने सभी पर अमल किया है। सोमवार को डॉक्टर्स से वार्ता हुई तो उन्होंने बिल वापस लेने और लागू नहीं करने की एक सूत्री मांग रख दी, यह कैसे सम्भव है, फिर तो विधानसभा के इस सदन का औचित्य ही नहीं रह जाएगा, इसलिए बिल तो लागू होकर रहेगा।

इससे पहले राइट टू हेल्थ बिल को लेकर विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ, अनिता भदेल, सुमित गोदारा, अविनाश गहलोत समेत कई विधायकों ने हिस्सा लिया। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सरकार को इस विधेयक में 50 बेड मल्टी हॉस्पिटल की शर्त को जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स पर  पुलिस लाठीचार्ज का वह विरोध करते हैं और सरकार को इसमें जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed