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Rajasthan: RSS सरसंघचालक भागवत बोले-मिशनरी से अच्छा सेवा काम कर रहे संत, वनवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाएं
Fri, 07 Apr 2023 03:18 PM IST
नीरज शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: नीरज शर्मा
Updated Fri, 07 Apr 2023 03:18 PM IST
सार
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने जयपुर में कहा-मिशनरी समाज के लोग अस्पताल, स्कूल चलाने के साथ सेवा का काम कर रहे हैं। दक्षिण भारत में भी ऐसा है, जहां 4 प्रान्तों में घूमकर देखा, तो पता चला मिशनरी जो काम कर रहे हैं, हमारे संत उनसे अच्छा काम कर रहे हैं।
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RSS सरसंघचालक मोहन भागवत बोले- मिशनरी से अच्छा सेवा का काम कर रहे संत
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
RSS के अनुषांगिक संगठन- राष्ट्रीय सेवा भारती की ओर से शुक्रवार को जयपुर के जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में राष्ट्रीय सेवा संगम के उद्घाटन के मौके पर डॉ मोहन भागवत ने कहा कि संघ की स्थापना से ही स्वयंसेवक सेवा कर रहे हैं। सेवा की मानसिकता सब में होती है, लेकिन सोयी रहती है। जिसे जगाना पड़ता है। हम प्रयास कर रहे हैं कि सेवा के जरिए आज ही समाज स्वस्थ्य हो जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले हमें स्वस्थ्य होना पड़ेगा। हमारे समाज में यदि कोई पीछे है, तो यह हमारे लिए अच्छी बात नहीं है। सबको समान और अपने जैसा मानकर ही हम समाज को आगे बढ़ा सकते हैं। कमजोर तबके को हम सब लोगों को ताकत देनी होगी।
वनवासी कल्याण के लिए काम करना होगा
भागवत बोले- हमारे समाज में कई ऐसी घुमंतू लोग भी हैं, जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी। वो झुके नहीं, स्वतंत्रता के लिए लड़ते रहे। आज भी वो कहीं न कहीं घूमते रहते हैं। उनके पास कोई वोटर आईडी, राशन कार्ड नहीं है। विदेशी शासकों ने उन्हें अपराधी घोषित कर दिया। संघ की उन पर नजर पड़ी, तो वहां भी सेवा करना शुरू कर दिया। हमें वनवासी कल्याण के लिए काम करना होगा। कमज़ोर तबके को ऊंचा उठाना होगा और आगे बढ़ाना होगा। भागवत ने एक वनवासी बेरोजगार युवक का उदाहरण भी दिया। जिसे कहीं नौकरी नहीं मिल रही थी, तो वह तनख्वाह के लिए संघ शरण में आया। लेकिन वहां आने के बाद उसका हृदय परिवर्तन हुआ और उसने तनख्वाह नहीं ली। वह 15 साल तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में रहा और सेवा करता रहा। बाद में उसके जीवन यापन के लिए उसकी नौकरी लगवाई और व्यवस्था करवाई गई।
स्वयंसेवकों ने नि:स्वार्थ भावना से देश के लिए जीवन दिया-पीरामल
पीरामल ग्रुप के अजय पीरामल ने उद्धाटन सत्र में कहा कि आज का दिन मेरे लिए खास है क्योंकि मैं आप सभी के बीच में हूं।स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भावना से देश के लिए जीवन दिया है। कोरोना के दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने काफी अच्छा काम किया। पीरामल बोले- जब मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गया, तो उन्होंने मुझे कहा मेरी उम्र 62 साल है। फिर भी मैं अपने क्षेत्र की सबसे उम्रदराज महिला हूं। क्योंकि आदिवासियों की औसत उम्र आम लोगों से 12 साल कम होती है। यह सुनकर मुझे काफी दुख हुआ। लेकिन उसके बाद पीरामल फाउंडेशन की ओर से देशभर में 100 स्थानों पर आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काम शुरू किया गया है। ताकि आदिवासियों को भी आम लोगों की तरह जीवन यापन करने और स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं का फायदा मिले।
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बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, उपनेता सतीश पूनिया हुए शामिल
संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ देशभर के 3000 से ज्यादा स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि इस सेवा संगम में जयपुर में भाग ले रहे हैं। सेवा संगम कार्यक्रम में सुभाष चंद्र ,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अरुण चतुर्वेदी, भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, कालीचरण सराफ मौजूद समेत कई संघ पदाधिकारी, क्षेत्रीय प्रचारक, अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। 3 दिन तक चलने वाले सेवा संगम से पहले गुरुवार को सेवा संगम से जुड़े कामकाज की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी आचार्य सुधांशु जी महाराज ने किया।
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वनवासी कल्याण के लिए काम करना होगा
भागवत बोले- हमारे समाज में कई ऐसी घुमंतू लोग भी हैं, जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी। वो झुके नहीं, स्वतंत्रता के लिए लड़ते रहे। आज भी वो कहीं न कहीं घूमते रहते हैं। उनके पास कोई वोटर आईडी, राशन कार्ड नहीं है। विदेशी शासकों ने उन्हें अपराधी घोषित कर दिया। संघ की उन पर नजर पड़ी, तो वहां भी सेवा करना शुरू कर दिया। हमें वनवासी कल्याण के लिए काम करना होगा। कमज़ोर तबके को ऊंचा उठाना होगा और आगे बढ़ाना होगा। भागवत ने एक वनवासी बेरोजगार युवक का उदाहरण भी दिया। जिसे कहीं नौकरी नहीं मिल रही थी, तो वह तनख्वाह के लिए संघ शरण में आया। लेकिन वहां आने के बाद उसका हृदय परिवर्तन हुआ और उसने तनख्वाह नहीं ली। वह 15 साल तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में रहा और सेवा करता रहा। बाद में उसके जीवन यापन के लिए उसकी नौकरी लगवाई और व्यवस्था करवाई गई।
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स्वयंसेवकों ने नि:स्वार्थ भावना से देश के लिए जीवन दिया-पीरामल
पीरामल ग्रुप के अजय पीरामल ने उद्धाटन सत्र में कहा कि आज का दिन मेरे लिए खास है क्योंकि मैं आप सभी के बीच में हूं।स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भावना से देश के लिए जीवन दिया है। कोरोना के दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने काफी अच्छा काम किया। पीरामल बोले- जब मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गया, तो उन्होंने मुझे कहा मेरी उम्र 62 साल है। फिर भी मैं अपने क्षेत्र की सबसे उम्रदराज महिला हूं। क्योंकि आदिवासियों की औसत उम्र आम लोगों से 12 साल कम होती है। यह सुनकर मुझे काफी दुख हुआ। लेकिन उसके बाद पीरामल फाउंडेशन की ओर से देशभर में 100 स्थानों पर आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काम शुरू किया गया है। ताकि आदिवासियों को भी आम लोगों की तरह जीवन यापन करने और स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाओं का फायदा मिले।
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बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, उपनेता सतीश पूनिया हुए शामिल
संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ देशभर के 3000 से ज्यादा स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि इस सेवा संगम में जयपुर में भाग ले रहे हैं। सेवा संगम कार्यक्रम में सुभाष चंद्र ,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अरुण चतुर्वेदी, भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, कालीचरण सराफ मौजूद समेत कई संघ पदाधिकारी, क्षेत्रीय प्रचारक, अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। 3 दिन तक चलने वाले सेवा संगम से पहले गुरुवार को सेवा संगम से जुड़े कामकाज की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी आचार्य सुधांशु जी महाराज ने किया।