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राजस्थान: RPSC भर्ती परीक्षाओं में बदल सकता है पेपर पैटर्न, कठिन सवालों का प्रतिशत घटाने की तैयारी

Fri, 04 Sep 2026 08:23 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: प्रिया वर्मा Updated Fri, 04 Sep 2026 08:23 PM IST
सार

RPSC की भर्ती परीक्षाओं में अब प्रश्नपत्र का पैटर्न बदल सकता है। कई पद खाली रहने के बाद आयोग ने प्रश्नों के कठिनाई स्तर को संतुलित करने पर विचार किया है। समिति ने कठिन प्रश्न कम करने की सिफारिश की है।

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Rajasthan: RPSC May Change Recruitment Exam Paper Pattern, Plans to Reduce Share of Difficult Questions
आरपीएससी कार्यालय

विस्तार

राजस्थान लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के पैटर्न में जल्द बदलाव कर सकता है। आयोग की ओर से गठित आंतरिक समिति ने प्रश्नपत्रों की संरचना, प्रश्नों के संतुलन और सामान्य ज्ञान के स्तर को लेकर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगामी परीक्षाओं के स्वरूप में बदलाव पर विचार कर रहा है। आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की विस्तृत समीक्षा और वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए एक आंतरिक समिति गठित की थी। समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट आयोग को सौंप दी है। रिपोर्ट पर आयोग अध्यक्ष ने विस्तार से चर्चा की और भविष्य की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आवश्यक बदलाव करने की दिशा में निर्णय लिया।
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समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार नया ड्राफ्ट आगामी फुल कमीशन की बैठक में रखा जाएगा। फुल कमीशन की राय के बाद ही प्रश्नपत्रों के नए पैटर्न को लेकर अंतिम निर्णय होगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत आयोग की भर्ती परीक्षाओं में 30 प्रतिशत सरल, 30 प्रतिशत मध्यम और 40 प्रतिशत कठिन स्तर के प्रश्न पूछे जाते हैं। समिति ने कठिन प्रश्नों का प्रतिशत कम कर सरल और मध्यम स्तर के प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाने का सुझाव दिया है।
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दरअसल हाल में हुई कई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थी न्यूनतम कटऑफ अंक तक हासिल नहीं कर सके। इसके कारण कई पद रिक्त रह गए। आयोग ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रश्नपत्रों में प्रश्नों के कठिनाई स्तर को संतुलित करने पर विचार किया है। बता दें कि स्कूल व्याख्याता एवं कोच भर्ती परीक्षा में राजनीति विज्ञान के 225 पदों के मुकाबले सिर्फ 6 अभ्यर्थी ही सफल हुए थे। इसी तरह गृह विज्ञान के 16 पदों पर 2, चित्रकला के 35 पदों पर 8, पंजाबी के 11 पदों पर 7 और समाजशास्त्र के 16 पदों पर 10 अभ्यर्थी ही उत्तीर्ण हुए। उर्दू के 26 पदों के लिए 23 और वाणिज्य के 340 पदों के मुकाबले 284 अभ्यर्थी ही पास हो सके थे।
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इसके अलावा सहायक आचार्य (संस्कृत शिक्षा विभाग) परीक्षा-2024 में धर्मशास्त्र, ज्योतिष फलित और यजुर्वेद विषयों में लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक भी कोई अभ्यर्थी हासिल नहीं कर सका। वहीं वरिष्ठ शिक्षक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) परीक्षा-2024 के विज्ञान विषय में 350 पदों के मुकाबले न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण केवल 296 अभ्यर्थी ही पात्रता जांच के लिए चयनित हो सके।


ऐसे में अब आयोग पूर्व में आयोजित भर्तियों में रिक्त रह गए पदों को लेकर भी संबंधित विभागों से संपर्क करेगा। इसके लिए विभागों को पत्र भेजकर खाली पदों को आगामी भर्ती में शामिल करने या फिर उन्हें नई भर्ती के तहत दोबारा विज्ञापित करने का प्रस्ताव दिया जाएगा।

आयोग के प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में संतुलन बनाना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सके और भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पद खाली न रहें। अंतिम फैसला फुल कमीशन की बैठक के बाद ही होगा।
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