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फोन टैपिंग: सीएम गहलोत के ओएसडी से दिल्ली पुलिस करेगी पूछताछ, नोटिस भेज 22 अक्तूबर को किया तलब
Wed, 20 Oct 2021 08:04 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 20 Oct 2021 08:04 AM IST
सार
राजस्थान में सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद फोन टैपिंग विवाद सामने आया था। इसके बाद भाजपा विधायक की ओर से पूछ गए सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने माना था कि उन्होंने फोन टैप किए थे।
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सीएम अशोक गहलोत
- फोटो : social media
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विस्तार
राजस्थान में फोन टैपिंग मामले में दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को नोटिस भेज पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्हें 22 अक्तूबर को 11 बजे पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने हाजिर होना पड़ेगा। इससे पहले भी 24 जुलाई को लोकेश शर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन तब वे हाजिर नहीं हुए थे।
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13 जनवरी तक गिरफ्तारी पर लगी है रोक
केंद्र सरकार में जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर लोकेश शर्मा समेत अन्य पर फोन टैपिंग मामले में केस दर्ज किया गया था। इस मुकदमे के खिलाफ लोकेश शर्मा दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर 13 जनवरी तक रोक लगा दी थी। हालांकि, पुलिस पूछताछ कर सकती है। हाईकोर्ट में इस मामले में अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने मुख्य सचेतक महेश जोशी को भी समन जारी किया था, लेकिन वह भी पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए थे।
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क्या है विवाद
जुलाई 2020 में सचिन पायलट खेमे ने सीएम गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके बाद गहलोत सरकार ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए थे। इसको लेकर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का एक कथित टेप भी वायरल किया गया था। आरोप लगाया गया था कि वह कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के साथ सौदेबाजी कर रहे हैं। हालांकि, बाद में यह मुद्दा शांत हो गया, लेकिन मार्च में भाजपा विधायक की ओर से पूछे गए एक सवाल में सरकार ने खुद माना कि उन्होंने विधिक प्रक्रिया अपनाकर कुछ खास लोगों के फोन टैप करवाए थे। इसके बाद काफी बवाल मचा और विधानसभा में भी इस पर काफी हंगामा हुआ था।
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