{"_id":"5b5351644f1c1b4f748b61e1","slug":"rajasthan-ninteen-year-old-boy-gets-death-penalty-for-raping-sevent-month-baby-girl","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 महीने की बच्ची से रेप के मामले में 19 वर्षीय दोषी को फांसी, कोर्ट ने 70 दिन में सुनाया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 महीने की बच्ची से रेप के मामले में 19 वर्षीय दोषी को फांसी, कोर्ट ने 70 दिन में सुनाया फैसला
ब्यूरो, अमर उजाला, जयपुर
Updated Sat, 21 Jul 2018 08:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के अलवर में सात माह की बच्ची के साथ रेप के दोषी को घटना के 70 दिन में ही शनिवार को फांसी की सजा सुना दी गई। अलवर की एससी-एसटी कोर्ट ने रोजाना सुनवाई की और 19 वर्षीय पिंटू को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुना दी।
विज्ञापन
अलवर में मासूम के साथ रेप की इस घटना के बाद लोग उग्र हो गए थे और प्रदर्शन के दौरान आरोपी को फांसी की सजा की मांग कर रहे थे। राजस्थान में पॉक्सो एक्ट के तहत इतनी त्वरित सुनवाई के बाद फैसला आने का यह पहला मामला है।
विज्ञापन
इस बहुचर्चित मामले के तहत लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के हरसाना गांव में गत 9 मई की रात सरकारी स्कूल के मैदान में सात माह की बच्ची लहूलुहान हालत में रोते-बिलखते मिली थी। पिता ने 10 मई को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बच्ची की मां पानी लेने गई थी और बच्ची को अपनी जेठानी के पास सोती छोड़ गई थी। जेठानी देख पाने में सक्षम नहीं है।
विज्ञापन
पिंटू घर आया और मौका पाकर सो रही बच्ची को उठाकर ले गया। जख्मी बच्ची मैदान के झाड़ियों और पेड़ों के बीच आस-पास के रहने वालों को बिलखते हुए मिली थी। इन लोगों ने ही परिजनों तक बच्ची के मिलने की सूचना पहुंचाई थी। पुलिस ने पिंटू को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ 363, 366, 376एबी, 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
रोजाना शुरू की सुनवाई, 22 कार्य दिवसों में फैसला रखा सुरक्षित
विशिष्ट न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 28 जून से रोजाना सुनवाई शुरू की थी। न्यायाधीश ने 22 अदालती कार्य दिवसों में हुई सुनवाई के तहत मंगलवार को दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनी और बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसे शनिवार को सुना दिया गया।