फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan School Building Collapse in Jhalawar Many children feared buried Latest updates in Hindi

Rajasthan Tragedy: झालावाड़ में स्कूल की छत गिरी, प्रार्थना कर रहे सात मासूमों की मौत; पांच शिक्षक निलंबित

Sat, 26 Jul 2025 08:03 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़ Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 26 Jul 2025 08:03 AM IST
सार

Jhalawar School Collapse: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की छत गिरने से भयावह हादसा हुआ।इसमें 7 बच्चों की मौत हो गई है। शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षकों को निलंबित किया है। हादसे में 27 बच्चे घायल हुए हैं। इनमें से 8 की हालत गंभीर बनी हुई है। 

विज्ञापन
Rajasthan School Building Collapse in Jhalawar Many children feared buried Latest updates in Hindi
झालावाड़ स्कूल हादसे में हुई लापरवाही - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में शुक्रवार सुबह स्कूल की छत गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग की छत अचानक गिर गई, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रार्थना सभा के दौरान हुई इस घटना में 7 बच्चों की मौत हो गई है।  शिक्षा विभाग ने पांच शिक्षकों को निलंबित किया है। 
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार स्कूल में हादसा उस वक्त हुआ जब प्रार्थना चल रही थी। हादसे के समय स्कूल के शिक्षक भवन के बाहर थे। जबकि छात्र स्कूल भवन के अंदर प्रार्थना कर रहे थे। इस वजह से शिक्षक हादसे का शिकार नहीं हुए हैं। इस हादसे में करीब 27 बच्चे घायल हुए हैं । इनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल बच्चों को झालावाड़ के अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल की छत गिरने के बाद गांव वालों ने मलबे से बच्चों को निकालना शुरू किया। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद ली गई।  स्कूल की छत काफी समय से जर्जर हो रही थी और लगातार हो रही भारी बारिश के बाद छत के गिरने का अंदेशा भी बना हुआ था। इसके बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा मासूम बच्चों की जान चली गई। गंभीर घायल बच्चों को झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मलबा हटाने में रेस्क्यू टीम के साथ ग्रामीण भी पूरी तरह से लगे रहे। झालावाड़ जिला कलक्टर अजय सिंह राठौर ने कहा कि सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया गया है। इस हादसे में अब तक 8 बच्चों की मौत हो गई है। 



बच्चों को मलबे से बाहर निकालने वाले बनवारी, जो बच्चों को लेकर अस्पताल भी पहुंचे। 

छत से टपकता था पानी फिर भी बच्चों को बैठाया गया
घटना के चश्मदीद बनवारी ने बताया कि  बच्चे स्कूल में जाकर बाहर वापस बाहर निकलने लगे थे। फिर उनको स्कूलों में जबरन अंदर भेजा गया। इसके बाद भवन की छत भरभराकर गिर गई। बच्चे उसी में दब गए। हम सब बचाने के लिए भागे। जैसे तैसे मलबा हटाकर बच्चों को निकालना शुरू किया। स्कूल जर्जर था। हम गांव वालों ने शिकायत भी की थी। स्कूल की छत से पानी टपकता था। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद भी बच्चों को स्कूल में बैठाया जा रहा था। जिस कक्षा में हादसा हुआ उसमें करीब 30-35 बच्चे थे। शिकायत करने पर कहा कि पंचायत बनवाएगी भवन। सब एकदूसरे पर टालते रहे। 



मौके पर पहुंचे झालावाड़ जिला कलेक्टर ने बताया कि स्कूल का नाम जर्जर स्कूल की श्रेणी में नहीं था।

हादसे की जांच करवाएंगे, जो भी दोषी होगा कार्रवाई करेंगे
एक तरफ गांव वाले भवन की खस्ताहालत के लिए शिकायत कर चुके थे। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने इस पर कार्रवाई नहीं की। ऐसा क्यों हुआ इस पर  झालावाड़ जिला कलक्टर अजय सिंह राठौर ने कहा कि इस तरह के हादसे भविष्य कभी न हों इसके लिए हम प्रयास करेंगे। शिक्षा विभाग को हमारे निर्देश थे कि कोई भी ऐसा विद्यालय हो जहां भी इस तरह का हादसा होने की संभावना हो तो हमें सूचित करें। इसके अलावा भी अगर कोई जर्जर भवन हो तो हमें सूचना दें। उसमें इस स्कूल का नाम नहीं था। अब इसकी जांच करवाएंगे, हादसे के क्या कारण थे। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। जो भी बच्चे मलबे में दबे हुए थे उनको निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया है।

 
गहलोत ने जताया दुख
घटना पर दुख जताते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, "झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने की खबर आ रही है, जिसमें कई बच्चे और शिक्षक हताहत हुए हैं। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।"
 

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिवंगत दिव्य आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने हादसे की जांच के निर्देश भी दिए हैं।


पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी जताया दुख
पीपलोदी, मनोहरथाना के स्कूल भवन में हुआ हादसा अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। जनहानि और कई बच्चों के घायल होने का समाचार हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत मासूम आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूं।

डोटासरा बोले- सरकारी तंत्र की लापरवाही मासूमों की मौत की जिम्मेदार
घटना पर दुख जताते हुए डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधा। सिस्टम की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मासूमों की जान सिर्फ लापरवाही की वजह से गई है। मां-बाप से बहुत सपने देखकर बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल भेजा होगा लेकिन सरकारी तंत्र इतना लापरवाह हो गया कि यही संज्ञान नहीं ले सका कि ये भवन बच्चों के सुरक्षित है कि नहीं। हमें इस घटना से सीख लेकर जिम्मेदारी जरूर लेनी चाहिए। हमें उन विद्यायल जो जर्जर हैं, बच्चों के सुरक्षित नहीं हैं, वहां से बच्चों को दूसरी जगह बच्चों को शिफ्ट करना चाहिए। जब तक वहां नया भवन न बने या मरम्मत न हो जाए तब तक बच्चों को शिक्षा कहीं और सुचारू रूप से कराई जानी चाहिए।
 

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, मदद का दिया आश्वासन
झालावाड़ स्कूल हादसे में बच्चों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया। ट्वीट के माध्यम से पीएम ने कहा, 'दुर्घटना अत्यंत दुःखद है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' साथ ही प्रधानमंत्री ने हर संभव मदद की बात भी कही।


शिक्षा मंत्री का बयान-राजस्थान में हजारों स्कूल जर्जर
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षा मंत्री ने कहा, “राजस्थान में हजारों की संख्या में स्कूल बिल्डिंग्स जर्जर हालत में हैं। हम इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं। सरकार ने स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 200 करोड़ रुपए जारी किए हैं। काम को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, ताकि सभी स्कूलों को सुरक्षित बनाया जा सके।” शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हर स्कूल भवन की मरम्मत तुरंत कर पाना संभव नहीं है, लेकिन जिन स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है, वहां बच्चों को बैठाने पर पहले से रोक दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम लगातार ऐसी सूचनाएं मंगवा रहे हैं और जिन भवनों को लेकर खतरे की आशंका होती है, उन्हें खाली कराया जाता है।

संसद में बोले हनुमान बेनीवाल 
सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में इस मुद्दे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सभी अफसरों और नेताओं के बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए जिससे  स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार हो ।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed