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Rajasthan News: गहलोत सरकार को देना होगा 3000 करोड़ का जुर्माना, एनजीटी ने कहा- नुकसान रोकने की जरूरत
Fri, 16 Sep 2022 05:29 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 16 Sep 2022 05:29 PM IST
सार
Rajasthan News: यह जुर्माना देने के लिए एनजीटी ने राजस्थान सरकार को दो महीने का समय दिया है। इस दौरान सरकार को यह राशि एक अलग बैंक खाते में जमा करनी होगी। आदेश का पालन नहीं करने पर और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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विस्तार
Rajasthan News: राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने राजस्थान सरकार (Rajasthan government) पर 3,000 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाया गया है। सरकार ने ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को डिस्चार्ज करने का कोई प्रबंधन नहीं किया है।
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दरअसल, प्रदेश के जयपुर, नीमराना, भिवाड़ी, अलवर, भीलवाड़ा और पाली सहित कुछ अन्य जिलों में सीमेंट और अन्य फैक्ट्रियां हैं। यहां से निकलने वाले पानी से नदियां प्रदूषित हो रही हैं। इसके अलावा प्रदेश के शहरों से निकलने वाले ठोस कचरे का भी सही से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इसी के चलते एनजीटी ने प्रदेश की गहलोत सरकार पर तीन हजार कारोड़ का जुर्माना लगाया है।
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न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार के अधिकारियों को प्रदूषण नहीं रोक पाने के लिए दोषी ठहराया। पीठ ने कहा, अब भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने की जरूरत है। इसके लिए अनुपालन सुनिश्चित करने के अलावा सरकार को पिछले उल्लंघनों के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाना चाहिए।
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पीठ ने ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन को दो मदों में बांटा, जिस पर 3000 करोड़ का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना देने के लिए एनजीटी ने राजस्थान सरकार को दो महीने का समय दिया है। इस दौरान सरकार को यह राशि एक अलग बैंक खाते में जमा करनी होगी। आदेश का पालन नहीं करने पर और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।