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Rajasthan: इंसानों की हिफाजत के साथ रखा जाएगा तेंदुओं का ख्याल, क्या है वन विभाग की नई योजना, कैसे करेगी काम

Fri, 01 Nov 2024 01:19 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Fri, 01 Nov 2024 01:19 PM IST
सार

राजस्थान में इंसानों पर तेंदुए के हमले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं, जिससे बीते 6 महीनों में 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। आसान शिकार की तलाश में तेंदुए नरभक्षी बन रहे हैं। इस समस्या को हल करने के लिए वन विभाग ने तेंदुओं के लिए जंगलों में नया प्रे-बेस (शिकार आधार) तैयार करने की योजना बनाई है।

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Rajasthan News: Forest department's master plan 'pre-base' is ready to save humans from leopards
तेंदुओं के लिए वन विभाग ने बनाई नई योजना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिकारी प्रजाति के जानवरों की सूची में तेंदुआ भले ही निचले क्रम में आता है, लेकिन इंसानों की जान लेने में यह राजस्थान में सबसे ऊपर है। बीते 6 महीनों में तेंदुए के हमलों में 10 से ज्यादा इंसानों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इन हमलों में शिकार हुए इंसानों के धड़ तक नहीं मिले। आसान शिकार की तलाश में तेंदुए नरभक्षी बन चुके हैं। इस मुठभेड़ से बचने लिए अब नया प्लान तैयार किया गया है... 

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राजस्थान के जंगलों में अब तेंदुओं के लिए नया प्रे-बेस तैयार किया जाएगा। वन विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया, जिसमें सभी वन क्षेत्रों में तेंदुओं के लिए 25 से 50 हेक्टेयर तक का प्रे-बेस तैयार किया जाएगा। यह प्रे-बेस तेंदुओं की शिकार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। इसके बाद इन शिकारों को तेंदुओं के लिए छोड़ा जाएगा, ताकि बेघेरे शिकार की तलाश में जंगल से बाहर न निकलें। वन विभाग ने इसके लिए अपने सभी मुख्य वन संरक्षक, उप वन संरक्षकों को इस संबंध में शीघ्र जमीन चिह्नित कर वित्तीय प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
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इंसान और तेंदुओं की मुठभेड़ में हो रही मौतें
प्रदेश में बीते 6 महीनों में करीब 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसके लिए वन विभाग ने नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड (NWB) और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी( NTCA) से मदद भी मांगी थी।
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वन विभाग के सेंस्स में 925 हुई तेंदुओं की आबादी
वन विभाग की ओर किए गए वॉटर होल सेंस्स के अनुसार इस साल तेंदुओं की आबादी 925 हो चुकी है, जो 20222 में 818, 2020 में 637, 2019 में 635 व 2017 में 507 थी। वहीं NTCA, वन विभाग तथा WII (वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया) के ज्वाइंट सर्वे में राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में 167 तेंदुए, रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 87 तेंदुए, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 49 तेंदुए तथा 19 तेंदुए रामगढ़ टाइगर रिजर्व में पाए गए थे।

तेंदुए के हमले में हाल में हुई मौतें

  • 30 मई: तेंदुए ने राजसमंद में 2.5 वर्षीय बच्चे को मारकर खा लिया।
  • 23  जून: उदयपुर के झाडौल में तेंदुए ने 55 वर्षीय लक्ष्मीलाल पर हमला कर जान ले ली। वे जंगलों में महुआ एकत्र करने गए थे।
  • 29 जून: राजसमंद के राजनगर में श्रमिक रण सिंह पर हमला कर जान ले ली। रण सिंह अपने घर की तरफ पैदल जा रहे थे, तब रास्ते में तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया था।
  • 16 अगस्त: उदयपुर के फालसिया में तेंदुए ने स्कूल जाते हुए एक 10 वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसकी जान ले ली।
  • 26 अगस्त: राजसमंद के राजनगर में ही एक अन्य घटना में तेंदुए ने 35 वर्षीय रुक्मा भील की जान ले ली। जिस वक्त रुक्मा पर तेंदुए ने हमला किया था उस वक्त वे जंगल में बकरियां चरा रहे थे।
  • 8 सितंबर: 40 वर्षीय मीराबाई जंगल से लकडियां चुन रही थी तो पीछे से तेंदुए ने हमला कर दिया और उन्हें घसीट कर झाडियों में ले गया। इस घटना में मीराबाई की मौत हो गई थी।
  • वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेंदुओं के इंसानी आबादी पर लगातार हो रहे हमलों से विभाग चिंतित है और इस मामले में उन्होंने नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड तथा नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।
  • इसके बाद 18, 19, 20, 25, 28 और 30 सितंबर को तेंदुओं ने इंसानों को अपना शिकार बनाया। ये सभी हमले उदयपुर में ही हुए।
  • इसके बाद वन विभाग ने नरभक्षी तेंदुए की पहचान कर उसे गोली मार दी।


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