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Rajasthan News: 95 का दूल्हा 90 की दुल्हन, 70 साल की लिव-इन रिलेशनशिप में बसा दिया खानदान, अब रचा रहे शादी
Thu, 05 Jun 2025 04:31 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 05 Jun 2025 04:31 PM IST
सार
इस बुजुर्ग जोड़े के आठ बच्चे, नाती-पोते हैं, और पूरे परिवार ने विवाह को उत्सव की तरह मनाया। 1 जून को हल्दी की रस्म और 4 जून को डीजे के साथ बिंदौली निकाली गई। ग्रामीणों और परिजनों की उपस्थिति में मंडप में दोनों ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की औपचारिक शुरुआत की।
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दुल्हा रामा भाई अंगारी और दुल्हन जीवली देवी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक-दो नहीं, 70 साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद एक बुजुर्ग जोड़े ने पूरे धूमधाम से शादी रचाई। 95 वर्ष के दूल्हे और 90 की दुल्हन के इस अनोखे विवाह को उत्सव के रूप में मनाया गया। बुजुर्ग जोड़े की गाजेबाजे से निकाली गई बिंदौली में ग्रामीणों के साथ बुजुर्ग के बेटे, नाती और पोते भी जमकर नाचे। मंडप में दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर सात फेरे लिए।
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यह अनोखी शादी डूंगरपुर जिले के गलंदर गांव में हुई, जहां 95 साल के दूल्हे रामा भाई अंगारी और 90 साल की दुल्हन जीवली देवी ने सामाजिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। दोनों 70 साल से साथ रह रहे थे, किंतु शादी नहीं की थी। उनके 8 बच्चे भी हुए, जिनमें चार बेटे और चार बेटियां हैं। उनकी भी शादी हो गई। नाती-पोते भी हो गए।
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बुजुर्ग जोड़े ने जताई इच्छा
70 साल से एक-दूसरे के हमसफर रामा भाई अंगारी और जीवली देवी ने कुछ दिन पहले अपने बच्चों के सामने सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने की बात रखी। यह सुनकर परिवार के अन्य सदस्यों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने अपने माता-पिता की चाह का सम्मान कर धूमधाम से शादी करवाने का निर्णय किया। इसके बाद मुहूर्त निकलवाया गया। एक जून को हल्दी की रस्म हुई। 4 जून को गांव में डीजे पर निकाली गई बिन्दौली में बेटे, पौते सहित ग्रामीण जमकर नाचे। इसके दोनों ने रीति-रिवाज के साथ सात फेरे लिए। सामाजिक भोज भी कराया गया।
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तीन बच्चे शिक्षक और एक नर्स
70 साल तक साथ रहे दोनों बुजुर्गों के आठ बच्चों में से चार बच्चे सरकारी नौकरी में हैं। इसमें तीन शिक्षक और एक नर्स है। सबसे बड़ा 60 वर्षीय बेटा बखू खराड़ी किसान है। उससे छोटा बेटा शिवराम (57) शिक्षक है। तीसरे नंबर की बेटी जनतु की 55 साल की उम्र में पूर्व में मौत हो चुकी है। बेटी सुनीता (53) शिक्षक, अनिता (50) नर्स और बेटा कांतिलाल खराड़ी (48) शिक्षक है। बेटा लक्ष्मणलाल (44) खेतीबाड़ी करता है। सबसे छोटी बेटी सीता खराड़ी शादी होने के बाद से गुम है। रामा भाई पहले गुजरात में कुएं खोदने का काम करते थे। साथ ही खेती भी करते थे। जीवली देवी ने निजी संस्था पीडो माडा में कई सालों तक हैंडलूम का काम सीखकर दरियां बुनीं।