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Rajasthan: भाजपा के 45 विधायकों ने ही क्यों लौटाए आईफोन और बचे फोन का क्या कर सकती है सरकार, यहां जानें
Wed, 02 Mar 2022 10:45 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 02 Mar 2022 10:45 AM IST
सार
भाजपा के 45 विधायकों ने सरकार को आईफोन लौटा दिए हैं, लेकिन अब भी कई विधायक ऐसा करने से इंकार कर रहे हैं। उधर, सवाल यह उठ रहा है कि सरकार अब इन फोन का करेगी क्या, यह जाननें के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट भाषण के बाद विधायकों को आईफोन क्या बांटा भाजपा में हंगामा हो गया है। पार्टी के कुछ विधायकों ने सरकार द्वारा दिए गए फोन को लौटा दिए हैं तो कुछ ने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया है। कई विधायकों ने फोन का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।
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दरअसल, कांग्रेस सहित भाजपा विधायकों ने सरकार की ओर से बांटे गए फोन बड़े उत्साह के साथ लिए थे। फोन लेने के बाद अनेक विधायकों ने मुख्यमंत्री गहलोत का आभार भी व्यक्त किया था। बजट सत्र में सरकार का विरोध करना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा था, लेकिन फोन लेने के बाद भाजपा की पूरे प्रदेश में आलोचना होने लगी थी, नतीजतन आनन फानन में फोन वापस लौटना का निर्णय लिया गया।
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पार्टी के इस निर्णय के बाद करीब 45 विधायकों ने तो फोन लौटा दिए, लेकिन कुछ विधायकों का कहना है कि वे फोन किसी भी हालत में नही लौटाएंगे। कई बार कैबिनेट मंत्री रह चुके एक बुजुर्ग भाजपा विधायक ने कहा कि नैतिकता की दुहाई देने वाले विपक्ष के नेता और प्रदेश अध्यक्ष को फोन लेना ही नही चाहिए था, लेने के बाद ऐसा करना सबसे बड़ी अनैतिकता है। इस बुजुर्ग विधायक के समर्थन में और भी कई विधायक खड़े हो गए हैं।
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भाजपा के कुछ विधायकों ने कहा कि नैतिकता के आधार पर अगर आईफोन लेना गुनाह है तो पिछले साल पार्टी के सभी विधायकों ने सरकार की ओर से बांटे आईपैड क्यों स्वीकार किए ? अब अगर आईफोन लौटाए जा रहे हैं तो आईपैड भी लौटाने चाहिए। कुछ विधायकों का तो यह भी कहा है कि सभी को आवंटित मकान लौटाकर एक मिसाल कायम करनी चाहिए।
जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने विधायकों को आलोचना से बचने के लिए आईफोन दिए थे। हालांकि सरकार ने कहा है कि विधायकों को स्मार्ट बनाने और उनके काम काज को सरल बनाने के लिए यह फोन दिए गए हैं। ये फोन सरकार ने दो करोड़ रुपए में खरीदे थे। सभी विधायकों को देने के बाद सरकार के पास 50 आईफोन बचे हैं, अगर भाजपा के 70 विधायक फोन लौटा देते हैं तो इनकी संख्या 120 हो जाएगी। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि सरकार इन फोन का करेगी क्या?
इधर, एक समस्या यह भी है कि भाजपा विधायकों को दिए गए ज्यादातर एक्टिव हो चुके हैं, ऐसे में अब यह फोन सेकंड हैंड फोन की श्रेणी में आ गए हैं। ऐसे में अब इनकी कीमत भी घट गई है। सरकार को एक फोन पर करीब 40-50 हजार रुपए का नुकसान होने वाला है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इन आईफोन को नवनियुक्त बोर्ड अध्यक्ष को दिया जा सकता है। संभावना है कि होली पर इन्हें वितरित किया जा सकता है।
क्या बोले भाजपा अध्यक्ष
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया कि पार्टी ने फोन लौटाने का निर्णय लिया है जिसका सभी विधायक पालन कर रहा है। नैतिकता के सवाल पर पूनिया ने कहा कि विधायकों को पता ही नहीं था कि फोन इतने महंगे है। जब फोन की कीमत का पता लगा तो पार्टी ने इसे वापस करने का फैसला लिया है। आईपैड लौटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में अभी यह मुद्दा उठा नहीं है, अगर उठेगा तो वह भी लौटा दिए जाएंगे। जो मकान बिक नहीं रहे थे सरकार ने वे विधायको को आवंटित हैं। इसकी पूरी कीमत भी वसूली गई है।