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'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' स्लोगन मोदी का नहीं मेरा आइडिया'

Mon, 27 Jun 2016 01:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Jun 2016 01:33 PM IST
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Rajasthan: lady cop blamed central govt for Beti Bachao Beti Padhao
- फोटो : times of india
राजस्‍थान की एक महिला पुलिस अधिकारी ने मोदी सरकार पर उसका आइडिया चुराने का आरोप लगाया है। महिला अधिकारी के अनुसार मोदी सरकार का चर्चित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा उन्हीं के दिमाग की उपज है, जिसे केंद्र सरकार ने पिछले साल राष्ट्रभर में बेटियों को बचाने और उन्हें पढ़ाने के लिए प्रचारित किया था। 
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार उदयपुर के एक महिला पुलिस थाने की एसएचओ चेतना भाटी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर उसकी रचनात्मकता को मान्यता देने की मांग की है। 
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चेतना ने इस संबंध में पीएमओ को एक आरटीआई भेजकर जानकारी मांगी थी कि उन्होंने यह वाक्यांश कहां से लिया है, लेकिन उन्हें वहां से संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं मिल सका। इतिहास और अंग्रेजी में पीजी डिग्री रखने वाली चेतना भाटी 20 साल पहले पुलिस में आने से पूर्व एक शिक्षिका थीं।
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Rajasthan: lady cop blamed central govt for Beti Bachao Beti Padhao

वो बताती हैं उन्होंने 1999 में पहली बार यह वाक्य लिखा था और एक कविता की श्रंखला के लिए इसका इस्तेमाल किया था। साल 2005 में मैने एक आयोजन में फिर इसका इस्तेमाल किया। हालांकि वो सफाई देती हैं कि वह मैं इसके बदले में धन या प्रचार नहीं चाहती। मैं सिर्फ यह चाहती हूं कि मेरे इस आइडिया के बारे में मेरा महत्व स्वीकार किया जाए।

बता दें कि भाटी ने इस संबंध में एक आरटीआई पीएमओ में दायर की थी जहां से उसे महिला और बाल विकास विभाग भेज दिया गया। यहां से इसे स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग भेजा गया लेकिन सही जवाब कोई नहीं दे पाया। 

चेतना बताती हैं कि जब मैं 2002 में नागपुर में तैनात थी तब मैंने राजस्‍थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत को एक खत लिखकर बच्चियों के मुद्दे पर तैयार कुछ पोस्टर्स को प्रचारित करने की मांग की थी। लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

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