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100 दिनों तक राजस्थान के 33 जिलों में गूंजी जवाबदेही कानून की मांग

Fri, 11 Mar 2016 06:01 AM IST
अमित कुमार निरंजन / जयपुर
अमित कुमार निरंजन / जयपुर Updated Fri, 11 Mar 2016 06:01 AM IST
सार

  • आंदोलन को कांग्रेस, आप, सीपीआई और सीपीआई (एम) ने दिया समर्थन
  • ‘जवाबदेही’ के लिए केंद्र पर भी डालेंगे दबाव : अरुणा रॉय

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rajasthan Jawabdehi yatra

विस्तार

‘नेता भी चले रे, कलेक्टर भी चले रे, धकापेल चले, दिल्ली में भारत सरकार, जवाबदेही यात्रा जिंदाबाद...’  ये उन तीन लाख आदिवासियों और मजदूरों की आवाज है, जो 100 दिनों तक राजस्थान के 33 जिलों में गूंजी।

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बृहस्पतिवार को करीब आठ हजार लोगों ने फिलहाल जयपुर में विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर राज्य में जवाबदेही कानून बनाने की मांग की, लेकिन इनका कहना है कि अभी हमारा आंदोलन शुरू हुआ है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र व अन्य राज्यों में भी यह कानून न बन जाए।
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इस पूरे मुहिम की अगुवाई करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और निखिल डे ने अमर उजाला को बताया कि जवाबदेही कानून बनाने के लिए राज्यों के साथ ही केंद्र पर भी दबाव देंगे। इस कानून के बन जाने के बाद आम आदमी के हाथ में और ताकत आ जाएगी।
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अरुणा ने बताया कि सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार जैसे जनता से जुड़े  कानून तो बहुत हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं। इसलिए जवाबदेही कानून में इसकी मांग की जा रही है कि जो अधिकारी या मंत्री अपना काम ठीक से नहीं करते हैं, उन पर कार्रवाई की जाए अथवा जुर्माना जाए। इस कानून में बड़े अधिकारियों और मंत्रियों की जवाबदेही सीधे तय होगी। केंद्र सरकार जानबूझ कर इस कानून को नजरंदाज कर रही है।

अरुणा का कहना है कि आरटीआई एक्ट की तरह जवाबदेही कानून को लेकर राजस्थान से लेकर केंद्र और अन्य राज्यों में लंबा संघर्ष चलेगा। निखिल डे ने बताया, ‘हमने जवाबदेही कानून की मांग के लिए सभी राजनैतिक दलों के लोगों को निमंत्रण दिया था। हमने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को भी बुलाया था, लेकिन वह नर्हीं आइं और न ही कोई भाजपा का नेता आंदोलन में हिस्सा लेने आया।’

जवाबदेही कानून में मांग

rajasthan Jawabdehi yatra

जवाबदेही यात्रा को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार लोगों से संवाद करना ही नहीं चाहती। और जो उनसे सवाल करे, उसको देशद्रोही की श्रेणी में डाल दिया जाता है।

इन दलों का मिला समर्थन
राजस्थान की जवाबदेही यात्रा और जवाबदेही कानून को कई राजनैतिक दलों ने समर्थन दिया। इनमें आम आदमी पार्टी, सीपीआई और सीपीआई (एम) शामिल हैं। इन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के कार्यप्रणाली को जमकर कोसा।     

विधानसभा के सामने किया प्रदर्शन
करीब आठ हजार आंदोलनकारियों ने जवाबदेही कानून बनाने की मांग और यात्रा के दौरान हमला करने वाले भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया।

जवाबदेही कानून में मांग
1- जनप्रतिनिधियों के जॉब चार्ज बने
2- भ्रष्टाचार, रिश्वत मांगने पर स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की जाए और उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।
3- समय पर काम नहीं करने पर सरकारी कर्मचारियों पर जुर्माना लगे।
4- समय पर काम नहीं होने के एवज में जनता को मुआवजा मिले।

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