फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan High Court turns down Asaram bail plea for second time

सेवादारों को बेल, आसाराम को फिर जेल

Mon, 10 Feb 2014 05:34 PM IST
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर Updated Mon, 10 Feb 2014 05:34 PM IST
विज्ञापन
Rajasthan High Court turns down Asaram bail plea for second time

राजस्थान हाई कोर्ट ने कुटिया में नाबालिग से दुराचार के आरोपी आसाराम की जमानत अर्जी दूसरी बार भी खारिज कर दी, लेकिन सह आरोपी शिवा एवं शिल्पी को जमानत मिल गई।

विज्ञापन


उच्च न्यायालय ने आसाराम की अर्जी पर 3 फरवरी को दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे सोमवार को सुना दिया।

शिवा व शिल्पी को मिली जमानत

Rajasthan High Court turns down Asaram bail plea for second time

हाई कोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर ने कहा कि आसाराम के मामले की परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

निचली अदालत में अभी आसाराम की उपस्थिति में आरोप तय होने शेष है। इस कारण आरोपी को जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा।

इधर, शिवा एवं शिल्पी की जमानत अर्जियों को सुनने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। आसाराम की जमानत उच्च न्यायालय में दो बार खारिज की जा चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आसाराम का रसोइया अब भी जेल में

Rajasthan High Court turns down Asaram bail plea for second time

जमानत पाने वाला शिवा आसाराम का मुख्य सेवादार रहा था, जबकि शिल्पी छिंदवाडा गुरूकुल के छात्रावास की वार्डन रही है, जहां पीड़िता रहती थी।

ये दोनों भी इस मामले में सहआरोपी बनाए गए हैं। शिवा ने पुलिस के समक्ष, तो शिल्पी ने न्यायालय में समर्पण किया था।

इस मामले में अभी आसाराम के अलावा गुरूकुल के संचालक शरदचन्द्र और आसाराम का रसोइया प्रकाश अब भी जेल में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed