वसुंधरा सरकार के इस दावे क्या आप सहमत हैं?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार ने बुधवार को विधानसभा में दावा किया कि प्रदेश में महंगाई नहीं है, ऐसे में अभी माल अधिनियम के तहत ज्यादा वस्तुओं की स्टॉक सीमा तय करने की जरूरत नहीं है।
राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री हेम सिंह ने प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि बढ़ती महंगाई को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गंभीरता से लिया और उनकी पहल पर ही राज्य में 6 फरवरी को माल अधिनियम लाया गया।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत अप्रत्याशित कीमतें बढ़ने पर दरें घोषित कर कीमतों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
मोदी समिति की रिपोर्ट की गूंज
प्रश्नकाल के दौरान सदन में मूल प्रश्नकर्ता राजपा विधायक किरोड़ी लाल मीणा, निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल समेत अन्य विधायकों ने महंगाई के कारण और हाल ही में लागू किए गए माल अधिनियम में शामिल वस्तुओं का मुद्दा उठाया।
हनुमान बेनीवाल ने प्रश्न उठाया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कीमतों पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी।
उस समिति की रिपोर्ट लागू की जाएगी या नहीं। इस पर भडाना ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। थोड़ा शोर-शराबा होने लगा तो पांच मिनट बाद ही उन्होंने कहा कि केन्द्र ने समिति बनाई थी और वही उसकी रिपोर्ट लागू करेगी।