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Rajasthan: खेलते-खेलते 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरा पांच साल का मासूम, 55 घंटे बाद एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
Thu, 12 Dec 2024 02:01 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शुभम कुमार
Updated Thu, 12 Dec 2024 02:01 AM IST
सार
आर्यन नाम का यह बच्चा सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे कालीखाड़ गांव के एक खेत में खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। इसके एक घंटे बाद बचाव अभियान शुरू हुआ और मासूम आर्यन को 55 घंटे के बाहर निकाला गया।
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मासूम आर्यन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के दौसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरे पांच वर्षीय बच्चे को 55 घंटे से अधिक लंबे ऑपरेशन के बाद बचा लिया गया। बच्चे को बेहोशी की हालत में एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अभी उसकी मेडिकल स्थिति के बारे में नहीं बताया गया है।
खेलते समय बोरवेल में गिरा बच्चा
जानकारी के अनुसार आर्यन नाम का यह बच्चा सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे कालीखाड़ गांव के एक खेत में खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। इसके एक घंटे बाद बचाव अभियान शुरू हुआ। बच्चे तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग करके समानांतर गड्ढा खोदा गया।
एनडीआरएफ के अधिकारी का बयान
वहीं इस मामले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों ने कहा कि ऑपरेशन में कई चुनौतियां का सामना करना पड़ा, जिसमें पानी बड़ी समस्या थी, जिसमें पानी का स्तर लगभग 160 फीट होने का अनुमान भी शामिल है।
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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भूमिगत भाप के कारण लड़के की हरकतों को कैमरे में कैद करने में कठिनाई और बचाव कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी ऑपरेशन में चुनौतियों में से एक थीं। अधिकारी ने कहा कि बच्चें को बाहर निकाल लिया गया है और अस्पताल ले जाया गया है।
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खेलते समय बोरवेल में गिरा बच्चा
जानकारी के अनुसार आर्यन नाम का यह बच्चा सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे कालीखाड़ गांव के एक खेत में खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। इसके एक घंटे बाद बचाव अभियान शुरू हुआ। बच्चे तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग करके समानांतर गड्ढा खोदा गया।
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एनडीआरएफ के अधिकारी का बयान
वहीं इस मामले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों ने कहा कि ऑपरेशन में कई चुनौतियां का सामना करना पड़ा, जिसमें पानी बड़ी समस्या थी, जिसमें पानी का स्तर लगभग 160 फीट होने का अनुमान भी शामिल है।
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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भूमिगत भाप के कारण लड़के की हरकतों को कैमरे में कैद करने में कठिनाई और बचाव कर्मचारियों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी ऑपरेशन में चुनौतियों में से एक थीं। अधिकारी ने कहा कि बच्चें को बाहर निकाल लिया गया है और अस्पताल ले जाया गया है।