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राजस्थान: बकाया बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली विभाग ने काटा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कनेक्शन, दुर्गंध से लोगो का जीना दुश्वार
Tue, 04 Jan 2022 12:32 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 04 Jan 2022 12:32 AM IST
सार
डेढ़ माह पहले से कनेक्शन कटने से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे क्षेत्र में हवा के साथ उठने वाली दुर्गंध से लोगो का जीना दुश्वार हो गया है। इसके अलावा गंदा पानी फिल्टर नहीं होने और आगे नहीं बढ़ने से सीवरेज लाइन में ओवरफ्लो की स्थिति बन गई है।
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगर परिषद द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बिजली बिल का बकाया भुगतान जमा नहीं करने पर बिजली विभाग ने प्लांट का कनेक्शन काट दिया। बिजली विभाग द्वारा नोटिस देने के बावजूद बकाया जमा नहीं कराने के बाद ही विभाग ने कनेक्शन काटने का निर्णय लिया। बिजली कनेक्शन काटने का मामला करीब डेढ़ माह पूर्व का बताया जा रहा है।
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डेढ़ माह पहले से कनेक्शन कटने से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे क्षेत्र में हवा के साथ उठने वाली दुर्गंध से लोगो का जीना दुश्वार हो गया है। इसके अलावा गंदा पानी फिल्टर नहीं होने और आगे नहीं बढ़ने से सीवरेज लाइन में ओवरफ्लो की स्थिति बन गई है। समय रहते नगर परिषद द्वारा इस ओर ध्यान नही दिया गया तो हालात बहुत बिगड़ सकते हैं।
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70 लाख रुपया बकाया, नोटिस के बावजूद नहीं हुआ जमा
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली सप्लाई का करीब 70 लाख रुपये नगर परिषद पर बकाया है। विभाग द्वारा कई बार नगर परिषद प्रशासन को नोटिस भेजकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली का बकाया बिल जमा करवाने के लिए कहा जा चुका है। लेकिन नगर परिषद प्रशासन द्वारा हमेशा की तरह न तो बकाया भुगतान किया गया और ना ही नोटिस का जवाब दिया गया।
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नगर परिषद अधिकारियों की उदासीनता और अनदेखी के चलते बिजली विभाग ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली सप्लाई का कनेक्शन काटने का कदम उठाया। बिजली विभाग द्वारा करीब डेढ़ माह पूर्व ही प्लांट का कनेक्शन काट दिया गया था।
50 लाख जमा करवाने की बात थी, लेकिन नही करवा सके
मामले को लेकर जब बिजली विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली तो सामने आया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली सप्लाई कनेक्शन का करीब 70 लाख रुपये नगर परिषद पर बकाया चल रहा है। जब इस मामले में नगर परिषद प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच बात हुई तो बिजली विभाग द्वारा नगर परिषद को 70 लाख का भुगतान एक मुश्त जमा नही कर किस्त के रूप में बकाया जमा करवाने की बात कही थी। इस बात पर नगर परिषद प्रशासन सहमत हो गया था।
दिसंबर माह में नगर परिषद प्रशासन ने बिजली विभाग को बकाया 70 लाख रुपये में से 20 लाख का भुगतान कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली का कनेक्शन जोड़ने की अपील की थी। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी इस बात से सहमत नहीं दिखे। उन्होंने नगर परिषद द्वारा जमा करवाई 20 लाख रुपये की राशि को अपर्याप्त बताते हुए कनेक्शन जोड़ने से साफ इंकार कर दिया। बिजली विभाग का कहना है कि नगर परिषद को 70 लाख रुपये बकाया राशि मे से 50 लाख रुपये जमा करवाने थे। लेकिन नगर परिषद प्रशासन द्वारा ऐसा नहीं कर केवल 20 लाख रुपये ही जमा करवाए गए।
सहायक अभियंता (प्रथम) बूंदी, सुरेश कुमार मीणा ने कहा, "सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बिजली कनेक्शन काटने की बात सही है। नगर परिषद प्रशासन द्वारा कई माह का बिल जमा नही करवाया गया। जिसके चलते बकाया राशि 70 लाख तक पहुंच गई। मजबूरीवश हमे कनेक्शन काटना पड़ा। पिछले दिनों 50 लाख रुपये जमा करवाने के बाद कनेक्शन जोड़ने की बात हुई थी। लेकिन नगर परिषद द्वारा मात्र 20 लाख रुपये ही जमा करवाये गए। जब तक बकाया राशि शत प्रतिशत जमा नहीं हो जाती हम कनेक्शन जोड़ने में असमर्थ हैं। हम तो बोल चुके है इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात कर लें।"
वरिष्ठ भाजपा पार्षद बूंदी, रमेश सिंह हाड़ा ने कहा, "नगर परिषद आयुक्त की कार्यप्रणाली बिल्कुल भी सही नहीं है। आयुक्त को आम जनता को होने वाली परेशानियों से कुछ लेना-देना नहीं है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बिजली कटने से गंदा पानी फिल्टर नहीं हो पा रहा। जिसके चलते हवा के साथ पानी से दुर्गंध उठ रही है। मेने स्वयं फिल्टर प्लांट पर पहुंचकर वहां की स्थिति देखी है। प्लांट पर दुर्गंध से खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। अगर समय रहते आयुक्त द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो दुर्गंध से लोगो का जीना मुश्किल होगा। बीमारियों की भी आशंका बनी रहेगी।"
नगर परिषद आयुक्त बूंदी, महावीर सिंह सिसोदिया का कहना है कि "हमने 20 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। हम जल्द ही उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। हमारे पास जितना बजट था हमने जमा करवा दिए। बिल तो आते रहते हैं, मामला चल रहा है। हमारे पास जैसे-जैसे बजट आएगा वैसे-वैसे जमा करवाते रहेंगे। सरकार का मामला है। इन्हें कनेक्शन जोड़ना पड़ेगा।"