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सत्ता का सेमीफाइनल: पुष्कर सरोवर रहे साफ, जनता के लिए ये बड़ा मुद्दा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 17 Nov 2018 08:20 AM IST
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सत्ता का सेमीफाइनल
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राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोड़ पकड़ रहा है। यहां 7 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा पुष्कर । संवाददाता अभिलाषा पाठक ने लोगों से बात कर यहां के हालात का जायजा लिया।
उन्होंने ब्रह्म मंदिर पुष्कर में जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि पुष्कर में कैसे हैं जमीनी हालात और किसका पलड़ा है भारी।
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एक अन्य युवा ने भी पुष्कर सरोवर में गंदगी की बात उठाई, जिसकी तस्दीक बाकी मौजूद लोगों ने भी की। जाहिर है, स्थानीय लोगों के लिए ये एक बड़ा मुद्दा है। साथी ही, धार्मिक पर्यटन स्थल होने की वजह से ये और भी अहम हो जाता है।
हनुमानगढ़ से पुष्कर मेले में घोड़े लेकर आने वाले व्यक्ति ने कहा मेला खत्म होने के बाद साफ-सफाई में दिक्कत होती है। जो चार-पांच साल पहले होता था वही अब भी जारी है।
वहीं एक दुकानदार ने कहा कि पुष्कर में बीते कुछ साल में अच्छा विकास हुआ है। स्थानीय बोर्ड ने मेले के लिए भी ठीक काम किया है।
स्थानीय पार्षद भीखमचंद खत्री ने कहा कि वो विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं। राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।
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उन्होंने ब्रह्म मंदिर पुष्कर में जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि पुष्कर में कैसे हैं जमीनी हालात और किसका पलड़ा है भारी।
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'कैसे साफ हो पुष्कर सरोवर?'
जनता के बीच पहुंचकर जब हमने एक युवा से बात की तो उन्होंने बताया कि पुष्कर की सबसे बड़ी समस्या जलभराव और पुष्कर सरोवर में सीवेज का पानी मिलने की है। क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी भर जाता है। शिक्षा का भी उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था।
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एक अन्य युवा ने भी पुष्कर सरोवर में गंदगी की बात उठाई, जिसकी तस्दीक बाकी मौजूद लोगों ने भी की। जाहिर है, स्थानीय लोगों के लिए ये एक बड़ा मुद्दा है। साथी ही, धार्मिक पर्यटन स्थल होने की वजह से ये और भी अहम हो जाता है।
हनुमानगढ़ से पुष्कर मेले में घोड़े लेकर आने वाले व्यक्ति ने कहा मेला खत्म होने के बाद साफ-सफाई में दिक्कत होती है। जो चार-पांच साल पहले होता था वही अब भी जारी है।
वहीं एक दुकानदार ने कहा कि पुष्कर में बीते कुछ साल में अच्छा विकास हुआ है। स्थानीय बोर्ड ने मेले के लिए भी ठीक काम किया है।
हॉकर्स की परेशानी
फ्रेंच टूर गाइड से बात करने पर पता चला कि अजमेर से पुष्कर तक की सड़क बेहतर हालत में है। लेकिन वो हॉकर्स की परेशानी से काफी आजिज नजर आए। उन्होंने कहा कि इसे दूर करने के लिए कुछ किया जाना चाहिए।स्थानीय पार्षद भीखमचंद खत्री ने कहा कि वो विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं। राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।