राजस्थान: अकाल से निपटने की तैयारी शुरू
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राजस्थान के एक बड़े हिस्से में मानसून अब तक दस्तक नहीं दे पाया है और अकाल के हालातों को लेकर आशंकाएं तेज हो गई हैं। आमतौर पर राजस्थान 20 जून के आस-पास राजस्थान पहुंच जाता है, लेकिन इस बार अब तक राज्य का दस प्रतिशत हिस्सा भी ठीक से नहीं भीग पाया है।
इन हालातों में राजस्थान सरकार की ओर से अकाल से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्थान सरकार ने राज्य में मानसून के सक्रिय होने में हो रही देरी से अकाल की आशंका के मद्देनजर उससे निपटने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आयोजित बैठक में अकाल की आशंका को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर विचार विमर्श के बाद यह निर्देश दिए गए।
पहले करेंगे अकाल की स्थिति का आंकलन
प्रदेश में मानसून की स्थिति को देखते हुए राजे ने बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अभी से ही संभावित अकाल की स्थिति का आकलन कर उससे निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार कर लें, ताकि जरूरत पडऩे पर उसके अनुरूप कार्य शुरू किए जा सकें।
राजे ने कहा कि वर्षा में विलम्ब के कारण कम समय में पकने वाली फसलों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें इसकी पुख्ता व्यवस्था करें, ताकि किसानों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पडे।
उन्होंने चारा मिनीकिट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बांधों एवं अन्य सतही जल स्रोतों में उपलब्ध पानी का सतर्कता के साथ उपयोग करें।