फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   rajasthan drought

राजस्थान: अकाल से निपटने की तैयारी शुरू

Wed, 09 Jul 2014 01:25 PM IST
Updated Wed, 09 Jul 2014 01:25 PM IST
विज्ञापन
rajasthan drought

राजस्थान के एक बड़े हिस्से में मानसून अब तक दस्तक नहीं दे पाया है और अकाल के हालातों को लेकर आशंकाएं तेज हो गई हैं। आमतौर पर राजस्थान 20 जून के आस-पास राजस्थान पहुंच जाता है, लेकिन इस बार अब तक राज्य का दस प्रतिशत हिस्सा भी ठीक से नहीं भीग पाया है।

विज्ञापन


इन हालातों में राजस्थान सरकार की ओर से अकाल से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्थान सरकार ने राज्य में मानसून के सक्रिय होने में हो रही देरी से अकाल की आशंका के मद्देनजर उससे निपटने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आयोजित बैठक में अकाल की आशंका को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर विचार विमर्श के बाद यह निर्देश दिए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

पहले करेंगे अकाल की स्थिति का आंकलन

rajasthan drought

प्रदेश में मानसून की स्थिति को देखते हुए राजे ने बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अभी से ही संभावित अकाल की स्थिति का आकलन कर उससे निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार कर लें, ताकि जरूरत पडऩे पर उसके अनुरूप कार्य शुरू किए जा सकें।

राजे ने कहा कि वर्षा में विलम्ब के कारण कम समय में पकने वाली फसलों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें इसकी पुख्ता व्यवस्था करें, ताकि किसानों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पडे।

उन्होंने चारा मिनीकिट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बांधों एवं अन्य सतही जल स्रोतों में उपलब्ध पानी का सतर्कता के साथ उपयोग करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed