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राजस्थान: दूध की जांच से खफा डेयरी मालिक के अधिकारी भाई ने फूड ऑफिसर के खिलाफ की रिकवरी, स्वास्थ्य भवन नीलाम

Fri, 02 Apr 2021 12:09 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर Published by: प्रियंका तिवारी Updated Fri, 02 Apr 2021 12:09 PM IST
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Rajasthan Dairy owners officer brother upset against milk investigation recovery against food officer health building auctioned
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

भरतपुर में बदले की कार्रवाई और विभाग की लापरवाही पर कोर्ट नाराज हो गया और स्वास्थ्य भवन को ही नीलाम करने का आदेश दे दिया। दरअसल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी भगवान सिंह को जिले की एक डेयरी के खिलाफ शिकायत मिली थी। ऐसे में वह डेयरी पहुंचे और दूध का सैंपल जांच के लिए ले लिया। कुछ दिनों में पता चला कि यह डेयरी खाद्य विभाग के ही एक अधिकारी के भाई की है। इधर, सैंपल की जांच से नाराज अधिकारी भाई ने भगवान सिंह के जारी किए गए लाइसेंस पर जांच बैठा दी। इसकी ऑडिट कराई और 93 हजार रुपये की रिकवरी की गई। इसके आधार पर वसूली शुरू कर दी गई। 2014 में भगवान सिंह जब रिटायर हुए तो उनकी ग्रेच्युटी की राशि में से रिकवरी की रकम काट दी गई। 

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इस कार्रवाई से परेशान होकर भगवान सिंह ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट ने स्वास्थ्य भवन को नीलाम करने के सख्त आदेश दिए। ऐसे में गुरुवार को 1.13 करोड़ रुपये में स्वास्थ्य भवन की नीलामी हो गई। नीलामी प्रक्रिया में तीन लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से पथरोड़ा नगर के रहने वाले अध्यापक भगवान सिंह ने आखिरी बोली लगाकर भवन अपने नाम करा लिया।
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वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ शर्मा ने बताया कि साल 2015 में सिविल कोर्ट में वादी भगवान सिंह की ओर से दावा दायर किया गया। इसमें राजस्थान सरकार, निदेशक चिकित्सा विभाग, पेंशन निदेशालय, सीएमएचओ को पक्षकार बनाया गया। वादी पक्ष का कहना था कि फूड सेफ्टी नियम के तहत सीएचएमओ लाइसेंस जारी करते हैं तो किसी दूसरे को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है। 2 मार्च 2019 को दावा वादी के हक में तय हुआ।
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 न्यायालय ने रिकवरी को गलत माना और 93 हजार रुपये 12% ब्याज दर से प्रति वर्ष के हिसाब से वापस किए जाने के आदेश दिए लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी राशि नहीं दी गई। इस मामले में भी सुनवाई हुई और कोर्ट के आदेश पर एक लाख 51 हजार की ब्याज सहित राशि वसूली करने के लिए सीएमएचओ ऑफिस, फर्नीचर आदि को 13 मार्च 2020 को कुर्क किया गया। हालांकि, कुर्की के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। अंत में 18 मार्च 2021 को कोर्ट ने स्वास्थ्य भवन को ही एक अप्रैल को नीलाम करने का आदेश दे दिया। इस पर गुरुवार सुबह अमीन वीरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में टीम स्वास्थ्य भवन पहुंची और नीलामी की कार्रवाई शुरू की हुई। 


 सेल अमीन वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि अब यह पूरी कार्रवाई न्यायालय में पेश की जाएगी। इधर, सीएमएचओ डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर ही नीलामी कंफर्म होगी। जिस समय नीलामी की कार्रवाई स्वास्थ्य भवन पर की गई थी, उस समय मैं कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री की आवश्यक बैठक में गया था। बाद में बकाया एक लाख 51 हजार 849 रुपये का भुगतान चैक से कर दिया गया। इस राशि का चैक राजकीय अधिवक्ता के पास जमा कराकर कोर्ट के आदेश की पालना कर दी है। तारीख पेशी से पहले कोर्ट खुलते ही चैक जमा हो जाएगा।

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