फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   rajasthan crisis rajasthan high court will deliver its final verdict on rebel congress mlas plea gehlot pilot

राजस्थान हाईकोर्ट से पायलट गुट को राहत, मौजूदा स्थिति को बरकरार रखने के निर्देश दिए

Fri, 24 Jul 2020 11:41 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 24 Jul 2020 11:41 AM IST
विज्ञापन
rajasthan crisis rajasthan high court will deliver its final verdict on rebel congress mlas plea gehlot pilot
सचिन पायलट-अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी उठापटक पर राजस्थान उच्च न्यायालय से सचिन पायलट गुट को एक बार फिर राहत मिली है। अदालत ने स्पीकर के नोटिस पर फिलहाल स्टे लगाते हुए यथास्थिति को बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। यानी स्पीकर विधायकों को अयोग्य करार नहीं दे पाएंगे। हालांकि अन्य मामलों को लेकर अदालत में सुनवाई जारी है। आगे की सुनवाई में इस मामले के कानून पर चर्चा की जाएगी।

विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने स्पीकर के नोटिस के खिलाफ अदालत का रुख किया था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने राजस्थान स्पीकर को बागियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न करने का आदेश सुनाया था। इसके बाद स्पीकर ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने भी सुनवाई टालने से मना कर दिया था।


अदालत ने केंद्र को बनाया पक्षकार
उच्च न्यायालय ने सुनवाई को दौरान सचिन पायलट गुट के विधायक पृथ्वीराज मीणा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की बात कही गई थी। केंद्र के पक्षकार बनने के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से अदालत में कानूनी पक्ष रखा गया। वहीं राजस्थान स्पीकर की तरफ से याचिका दायर की गई कि सचिन पायलट गुट ने केंद्र को पक्षकार बनाने की जो अपील की है, वो गलत है। इस अपील को खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने केंद्र को पक्षकार बनाने वाली याचिका को सही ठहराया है।


यह भी प़ें- Rajasthan Political Crisis: SC का हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार, सोमवार को फिर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
उच्च न्यायालय द्वारा कार्रवाई न करने का आदेश देने को राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने संविधान का उल्लंघन मानते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। अपनी याचिका में सीपी जोशी ने दावा किया कि जबतक स्पीकर कोई फैसला न ले लें, तबतक अदालत उनके कामकाज में दखल नहीं दे सकती है। हालांकि घंटों चली सुनवाई के बावजूद उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया। अदालत ने कहा कि एक दिन की बात है पहले उच्च न्यायालय का फैसला आ जाए इसके बाद सोमवार को इसपर सुनवाई की जाएगी।

क्या है पायलट-गहलोत का दावा
पायलट खेमे का कहना है कि वो पार्टी के अंदर रहकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और पार्टी बैठक पर व्हिप लागू नहीं होती है। ऐसा केवल विधानसभा सदन के लिए होता है। वहीं गहलोत खेमे का कहना है कि बागियों ने पार्टी नियमों का उल्लंघन किया है। वे भाजपा के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश कर रहे थे, जो उनकी मंशा को दिखाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed