Rajasthan Corona Updates: 64 नए मामले, जोधपुर मेडिकल कॉलेज में भी प्लाज्मा थैरेपी से इलाज की अनुमति
राजस्थान में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 64 नए मामले सामने आए और एक बीमार व्यक्ति की मौत हो गई। अब राज्य में कोरोना की वजह से मौतों का आंकड़ा 100 हो गया है और कुल संक्रमितों की संख्या 3491 हो गई है। वहीं, आईसीएमआर ने जयपुर के बाद जोधपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज को कोरोना वायरस से संक्रमित और गंभीर रूप से पीड़ित लोगों का प्लाज्मा थैरेपी से इलाज करने के प्रयोग की अनुमति दी है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह ने बताया कि अजमेर में एक और संक्रमित की मौत हुई है। राज्य में शुक्रवार दोपहर दो बजे तक जयपुर में 26, जोधपुर व अजमेर में नौ-नौ, कोटा में आठ, पाली में पांच और उदयपुर,अलवर, झालावाड़ में दो-दो नए रोगी शामिल हैं। यहां संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है।
प्लाज्मा थैरेपी से होगा कोरोना संक्रमितों का इलाज
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने जयपुर के बाद जोधपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज को कोरोना वायरस से संक्रमित और गंभीर रूप से पीड़ित लोगों का प्लाज्मा थैरेपी से इलाज करने के प्रयोग की अनुमति दी है। अब प्रदेश में दो सरकारी और एक निजी चिकित्सा संस्थान में प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करवाया जा सकेगा।
राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोटा, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज को भी आईसीएमआर से प्रयोग ट्रायल की अनुमति लेने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा मेडिकल कॉलेजों में प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा को विकसित किया जा सके।
प्लाज्मा थैरेपी कम कर सकती है कोरोना मृत्यु दर
डॉ. शर्मा ने उम्मीद जताई कि इस थैरेपी से प्रदेश में कोरोना से होनी वाली मृत्यु दर पर कमी लाई जा सकेगी। गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना की मृत्युदर महज 2.79 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि एसएमएस अस्पताल से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को अन्यत्र भेजा जा सकता है ताकि सामान्य बीमारियों के लिए अस्पताल का इस्तेमाल किया जा सके और उन्हें यहां सभी सुविधाएं पहले की तरह मिलती रहें।
डॉ. शर्मा ने कहा कि चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की टेली मेडिसिन कंसलटेंसी सेवाओं का लाभ ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी किया जा सकता है। आम लोग सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ई-मित्र के माध्यम से भी टेली कंसलटेंसी सेवा के लिए ऑनलाइन पंजीयन कर उपचार व परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।