सचिन पायलट: 26 साल की उम्र में धमाकेदार अंदाज में पहुंचे थे संसद

अमित कुमार मंडल, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Dec 2018 04:43 PM IST
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सचिन पायलट
सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला

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उम्र चाहे कम हो लेकिन उनका सौम्य अंदाज और राजनीति की समझ संकेत देती है कि वह लंबा रास्ता तय करेंगे। उनमें पिता की झलक साफ नजर आती है और पिता की विरासत को वह बखूबी संभाल भी रहे हैं। वह मृदुभाषी हैं और उनका सरल व्यवहार हर किसी पर असर करता है। वह कभी किसी विवादों में नहीं पडे़ न ही कभी कोई गलतबयानी की। कांग्रेस की युवा ब्रिगेड में उनका नाम सबसे पहले आता है और वह राहुल गांधी के करीबी भी हैं। राहुल गांधी ने उन्हें इस बार राजस्थान चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी और वो विजेता बनकर उभरे। जी हां, हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के युवा नेता सचिन पायलट की जो कम उम्र में ही राजनीति में आ गए और आज कांग्रेस का ऐसा सितारा बन गए हैं जिसे कांग्रेस का भविष्य बताया जाता है। 

सहारनपुर में हुआ जन्म

सचिन पायलट का निजी और सियासी जीवन बेहद दिलचस्प है। उनका जन्म 7 सितंबर 1977 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ। उन्होंने शुरुआती शिक्षा वायुसेना बाल भारती स्कूल, नई दिल्ली से हासिल की। इसके बाद सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली से स्नातक किया। आईएमटी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से आगे की पढ़ाई की। स्नातक करने के बाद सचिन ने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल, फिलाडेल्फिया, अमेरिका से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। 
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कुछ समय उन्होंने बीबीसी दिल्ली ब्यूरो में काम किया। इसके बाद दो साल तक अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स के साथ काम किया। राजनीति उन्हें विरासत में मिली। हालांकि युवावस्था में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। पिता राजेश पायलट नामी कांग्रेस नेता थे, घर का माहौल ऐसा था कि उनकी दिलचस्पी भी राजनीति में जग गई। पिता के निधन के बाद वह पूरी तरह राजनीति में उतर आए और 26 साल की उम्र में लोकसभा चुनाव जीतकर संसद भी पहुंचे। 

26 साल की उम्र में संसद पहुंचे 

साल 2004 में सचिन पायलट पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। उन्होंने अपने पिता की सीट दौसा से अपने प्रतिद्वंदी को करीब 1.2 लाख वोटों से हराकर धमाकेदार अंदाज में संसद में प्रवेश किया। इसी साल वह गृह मामलों पर लोकसभा की स्थायी समिति के सदस्य बने। सचिन पायलट साल 2006 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सलाहकार समिति के सदस्य बने। 2009 के लोकसभा चुनाव में सचिन पायलट ने अजमेर में भारी अंतर से भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता किरण महेश्वरी को हराया। इस जीत का इनाम उन्हें सूचना एवं संचार राज्य मंत्री के रूप में मिला। साल 2012 में सचिन कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री बने और 2014 तक इस पद पर बने रहे।
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