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राजस्थान: गहलोत सरकार का बड़ा फैसला- अल्पसंख्यकों के विकास पर 98.55 करोड़ रुपये खर्च को दी मंजूरी

Wed, 19 Jan 2022 12:44 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 19 Jan 2022 12:44 AM IST
सार

Fund For Minority Community in Rajasthan: राजस्थान के सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस मंजूरी से अल्पसंख्यक समुदाय को कौशल विकास, शैक्षणिक गतिविधियों एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। साथ ही इन समुदायों के समग्र विकास में सुगमता होगी।

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Rajasthan CM Ashok Gehlot approved a revised proposal to spend Rs 98.55 crore in various schemes from a fund of Rs 100 crore for minority Community
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : twitter.com/ashokgehlot51

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अल्पसंख्यक समुदाय ( Minority Community) के समावेशी विकास के लिए गठित 100 करोड़ रुपये के विकास कोष से विभिन्न योजनाओं में 98 करोड़ 55 लाख रुपये व्यय करने के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, 100 करोड़ के कोष से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के परम्परागत हुनर के विकास के लिए 50 लाख, अल्पसंख्यक लोगों को रोजगार देने के लिए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के प्रशिक्षण पर दो करोड़, वक्फ भूमि या सार्वजनिक भूमि पर बने कब्रिस्तान, मदरसों एवं विद्यालयों में चारदीवारी निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा अल्पसंख्यक शिल्पकारों को विपणन प्रोत्साहन एवं सहायता के लिए एक करोड़ 25 लाख, जयपुर में अंग्रेजी माध्यम के आवासीय विद्यालय के निर्माण के लिए 21 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

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अल्पसंख्यक छात्रावासों में ई-स्टडी रूम विकसित करने के लिए खर्च
15 सरकारी अल्पसंख्यक छात्रावासों में ई-स्टडी रूम विकसित करने के लिए राज्य सरकार के कोष से 58 रुपये आवंटित किए जाएंगे। गहलोत सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 44 करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला किया है। इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत, और मौलाना आजाद विश्वविद्यालय, जोधपुर के लिए, कांग्रेस सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, ऋण पर ब्याज सब्सिडी के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए एक 'शोध पीठ' की स्थापना की जाएगी
अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए एक 'शोध पीठ' की स्थापना की जाएगी और इसके लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। गहलोत प्रशासन ने अल्पसंख्यक किसानों के लिए 15.42 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पंप अनुदान योजना स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अल्पसंख्यक मेधावी युवा प्रोत्साहन योजना के लिए एक करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम करे पुलिस: सीएम गहलोत 

मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम अशोक गहलोत ने गृह विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और अपराधों की प्रभावी रोकथाम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारी इस दिशा में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम करें। पुलिस का प्रयास हो कि किसी भी अपराध में कम से कम समय में गहनता से तफ्तीश हो और अपराधी को सजा एवं पीड़ित को जल्द से जल्द से न्याय मिले। पुलिस अपना काम बिना किसी दबाव के निष्पक्षता और सकारात्मक सोच के साथ करे। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में पुलिस की कार्यशैली को आधुनिक, पब्लिक फ्रेंडली एवं प्रो-एक्टिव बनाने के उद्देश्य से थानों में स्वागत कक्ष, महिला अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी अनुसंधान के लिए हर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद का सृजन, अनिवार्य एफआईआर रजिस्ट्रेशन, जघन्य अपराधों के लिए अलग इकाई का गठन, महिला एवं बाल डेस्क का संचालन, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक, महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र जैसे नवाचार किए गए हैं। इनका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। पुलिस अधिकारी इन नवाचारों का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत करें। महिला अपराधों के प्रति विशेष कदम उठाने का परिणाम है कि राज्य में पॉक्सो एक्ट एवं महिला अत्याचार के प्रकरणों के निस्तारण में लगने वाला औसत समय काफी कम हो गया है। 

कोविड से संबंधित किसी भी तरह के चिकित्सकीय परामर्श के लिए 181 पर कॉल करें: सीएम गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 'आमजन के साथ-साथ विशेषज्ञों की राय बनती जा रही है कि ओमिक्रॉन, डेल्टा जितना खतरनाक नहीं है परन्तु इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं हैं वे डॉक्टर की सलाह से घर पर ही ठीक हो सकते हैं लेकिन जिनके बुखार, सिरदर्द, खांसी-जुकाम, बदन दर्द जैसे लक्षण हैं उन्हें बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।'

उन्होंने कहा कि 'ओमिक्रॉन के पोस्ट कोविड प्रभाव डेल्टा की तरह नए प्रकार के हो सकते हैं इसलिए ओमिक्रॉन को गंभीरता से लेकर इससे संक्रमित होने से बचना ही ज्यादा उचित होगा। मेरा स्वयं का अनुभव भी यही कहता है। इसलिए मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाए रखें एवं वैक्सीन अवश्य लगवाएं।'

श्रीगंगानगर जिले के 7 गांवों को अभावग्रस्त घोषित करने के लिए सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान का भुगतान करने के लिए श्रीगंगानगर जिले के 7 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है। गत वर्ष 23 अक्तूबर को श्रीगंगानगर जिले की अनूपगढ़ एवं विजयनगर तहसील में ओलावृष्टि से खरीफ की फसलों में हुए नुकसान को देखते हुए विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए गए थे। जिसमें अनूपगढ़ तथा विजयनगर तहसील के 73 किसानों की फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक खराबी होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।

इस आधार पर इन किसानों के हित में संवेदनशील निर्णय करते हुए एसडीआरफ मानदंडों के अनुसार उन्हें कृषि आदान एवं अनुदान दिए जाने के लिए अनूपगढ़ के गांव 60 जीबी-बी, 1ए-ए, 1ए-बी, 3ए, 5ए-ए तथा विजयनगर तहसील के गांव 17एएस एवं 19एएस को अभावग्रस्त घोषित करने की मंजूरी दी है।

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