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Rajasthan: यहां बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नहीं, ढोल-नगाड़ों से गूंजा शहर, कन्या को 'लक्ष्मी' का रूप माना

Wed, 07 Dec 2022 01:33 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 07 Dec 2022 01:33 PM IST
सार

राजस्थान के इस कस्बे में बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नहीं होता। पूरा कस्बा इस मौके पर जुटता है और धूमधाम से सेलिब्रेट करता है। यहां से किस तरह 'बेटा-बेटी एक समान' का संदेश दिया जा रहा है, आइए बताते हैं।

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Rajasthan Celebrated the birth of a daughter in Sawai Madhopur Chauth ka Barwada
बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नहीं - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में एक परिवार को बेटी का जन्म होने पर इतनी खुशी हुई कि अस्पताल से घर तक नवजात का जुलूस निकाला और घर लाकर उसकी आरती उतारी। कस्बे में पहली बार ऐसा नजारा देखकर लोगों ने इस परिवार की जमकर सराहना की और बालिका सशक्तिकरण के लिए इसे एक अच्छा उदाहरण बताया।

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बता दें कि जब अस्पताल से नवजात और प्रसूता को छुट्टी मिली तो ढोल नगाड़ों के साथ एंबुलेंस में इन्हें रवाना किया गया। चौथ का बरवाड़ा बस स्टैंड मुख्य बाजार होते हुए बैंड बाजों के साथ नवजात बालिका घर पहुंची। उसी तरह से सारी रस्में अदा की गईं, जैसी बेटा होने पर आम तौर से की जाती हैं।
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परिवार में जोरदार खुशी...
चौथ का बरवाड़ा निवासी महेंद्र कुमार सोनी के बेटे तरुण कुमार सोनी की पत्नी ने एक बालिका को जन्म दिया। बालिका का जन्म सवाई माधोपुर स्थित जिला अस्पताल में हुआ। सोनी ने बताया, बहू की पहली डिलीवरी और बालिका होने पर पूरे परिवार में जोरदार खुशी हुई। ऐसे में उन्होंने बालिका को धूमधाम से घर ले जाने का निर्णय लिया।
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कन्या को लक्ष्मी का रूप माना...
तरुण कुमार सोनी ने बताया, कन्या को लक्ष्मी का रूप माना जाता है। बालिका का जन्म होने पर पूरे परिवार में जबरदस्त खुशी है। इसी के चलते ढोल नगाड़ों के साथ बालिका को लाया गया। उन्होंने कहा, बालक-बालिका एक समान हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी बालिकाओं को अधिक प्रोत्साहन देने की जरूरत है। इधर, सरपंच सीता सैनी ने कहा, चौथ का बरवाड़ा को ईको फ्रेंडली ग्राम पंचायत घोषित किया गया है। इसके तहत पंचायत की साधारण सभा में बेटी के जन्म पर कई कार्यक्रम होते हैं और बधाई पत्र भी दिया जाता है। 

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