{"_id":"58bffd784f1c1b5e3ddc4b33","slug":"rajasthan-budget-2017-notebandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबन्दी का असर राजस्थान बजट पर भी...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबन्दी का असर राजस्थान बजट पर भी...
Updated Wed, 08 Mar 2017 06:34 PM IST
विज्ञापन
vasundhara raje
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट में कई घोषणाएं कीं और कर व शुल्कों की बकाया राशि जमा नहीं कराने वालों को राहत भी दी है। बकाया लीज मनी और हाउसिंग बोर्ड के मकानों की किस्त नहीं चुकाने वालों के ब्याज में छूट देने का ऐलान भी किया है। जानकारों की मानें सरकार ने जनता को राहत देने के जुमले के बहाने नोटबन्दी के असर को छिपाने की कोशिश की है।
नवम्बर 2016 में नोटबन्दी लागू हुई। आमतौर पर किसी भी चालू वित्तीय वर्ष में नवम्बर से मार्च तक ही बकाया कर की वसूली होती है। नोटबन्दी के कारण नगरीय विकास कर, लीज मनी, स्टाम्प ड्यूटी जैसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में टारगेट पूरे नहीं हो सके। जयपुर जैसे शहरों में नगरीय विकास कर की वसूली के लिए कुर्की जैसे कदम उठाए लेकिन, उसको लेकर भी विवाद शुरू हो गए।
बजट में राहत की ये घोषणाएं की गई है उन पर एक नजर...
विज्ञापन
नवम्बर 2016 में नोटबन्दी लागू हुई। आमतौर पर किसी भी चालू वित्तीय वर्ष में नवम्बर से मार्च तक ही बकाया कर की वसूली होती है। नोटबन्दी के कारण नगरीय विकास कर, लीज मनी, स्टाम्प ड्यूटी जैसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में टारगेट पूरे नहीं हो सके। जयपुर जैसे शहरों में नगरीय विकास कर की वसूली के लिए कुर्की जैसे कदम उठाए लेकिन, उसको लेकर भी विवाद शुरू हो गए।
विज्ञापन
बजट में राहत की ये घोषणाएं की गई है उन पर एक नजर...
- बकाया लीज राशि एक मुश्त जमा कराने पर ब्याज में 100 फीसदी की छूट एक अप्रेल 2017 से 30 सितम्बर 2017 तक देने की घोषणा।
- ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी के आवंटित आवासों की बकाया किश्तों की राशि जमा नहीं कराने वालों को राहत। इन्हें ब्याज और पेनल्टी में छूट की घोषणा।
- नगरीय विकास कर की बकाया राशि में भी इसी तरह की छूट दी गई है।
- राज्य के पिछड़े इलाकों में निवेश को बढ़ाने के लिए भू—रूपांतरण की प्रक्रिया में तेजी आए इसके लिए भू—रूपांतरण शुल्क में देय छूट को 50 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी किया है।
- पैतृक सम्पत्ति के विभाजन पर उसका पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की पंजीयन को सस्ता किया है। वर्तमान दर पांच फीसदी से घटाकर तीन फीसदी की गई है। साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस एक फीसदी को घटाकर 0.25 फीसदी प्रस्तावित किया है।
- पावर आॅफ आॅटर्नी और एग्रीमेंट टू सेल के दस्तावेजों के पंजीयन पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में राहत दी गई है। इसी तरह रेंट डीड के दस्तावेजों के पंजीयन पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस कम की गई है।
- लोन डाक्यूमेंट की रजिस्ट्री पर भी स्टाम्प शुल्क घटाकर 0.15 फीसदी या अधिकतम 10 लाख रूपए तय किया है।
- फेमिली सैटलमेंट के दस्तावेजों की रजिस्ट्र्रेशन फीस भी एक फीसदी से घटाकर 0.25 फीसदी किया गया है।
- बजट में एक जगह माना है कि रीयल एस्टेट सेक्टर में पिछले साल मंदी छाई रही है। इसे देखते हुए वाणिज्यिक भूमि के 100 वर्गमीटर से 500 वर्गमीटर तक के भूखंडों के मूल्यांकन पर पांच फीसदी तथा इससे बड़े भूखंडों के मूल्यांकन पर 10 फीसदी रियायत की घोषणा की गई।
- राजस्व और उपनिवेशन क्षेत्र में सभी आवंटियों से बकाया राशि वसूली के एक अप्रेल 2017 से 30 सितम्बर 2017 तक एक मुश्त राशि जमा कराने पर ब्याज में छूट की घोषणा।
विज्ञापन