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Rajasthan BJP: वसुंधरा राजे ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात, 50 मिनट चली बैठक के क्या हैं सियासी मायने?
Tue, 12 Jul 2022 04:58 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 12 Jul 2022 04:58 PM IST
सार
दोनों नेताओं के बीच की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि राजस्थान में प्रदेश प्रशिक्षण शिविर चल रहा है।
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वसुंधरा राजे और अमित शाह।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दिल्ली में हुई दोनों की मुलाकात करीब 50 मिनट तक चली। इससे पहले शाह से मुलाकात के लिए वसुंधरा को सोमवार को भी समय दिया गया था, लेकिन निजी कारणों के कारण राजे कल गृह मंत्री से नहीं मिल पाईं थी। इस कारण उन्हें आज समय दिया गया था। राजे 12:23 पर अमित शाह से पहुंची थी।
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दोनों नेताओं के बीच की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि राजस्थान में प्रदेश प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। कल यानी सोमवार को शिविर मं वसुंधरा राजे का भी सत्र था, लेकिन वह इसमें नहीं पहुंची थीं। ऐसे में अटकले लगाई जा रहीं थी कि नाराज होने के कारण वह नहीं आईं, लेकिन अमित शाह से हुई मुलाकात ने ऐसी सभी अटकलों को शांत कर दिया। मंगलवार को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी माउंट आबू पहुंचे हुए हैं ऐसे में राजे की दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के विशेष मायने निकाले जा रहे हैं।
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प्रदेश में 2023 में विधानसभा और 2024 में लोकसभा चुनाव होने के कारण राजे और शाह की मुलाकात बहुत अहम मानी जा रही है। इतिहास पर नजर डालें तो कि वसुंधरा राजे के नेतृत्व में एक बार 120 और दूसरी बार 163 विधानसभा सीट भाजपा को मिली थीं, जो किसी अन्य नेता को नहीं मिली। 2018 में अंदरुनी विरोध के बाद भी 73 सीट पर भाजपा का काबिज होना राजे की लोकप्रियता को दर्शाता है।
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इतना ही नहीं राजे ने लोकसभा में भी 25 और 24 का आंकड़ा पार्टी को लेकर दिया था। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा आलाकमान को एक चेहरा चाहिए जो एक बार फिर लोकसभा में 25 सीट तक पहुंचा सके। राजे और शाह की मुलाकात के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।