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बीजेपी सरकार ने आयोग अध्यक्षों से छीना मंत्री दर्जा
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
Updated Fri, 07 Feb 2014 08:18 AM IST
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राजस्थान की भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार में नियुक्त विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों को दिया गया राज्य मंत्री व उपमंत्री दर्जा वापस ले लिया है। कांग्रेस सरकार ने 30 नवम्बर 2012 को इन अध्यक्षों व उपाध्यक्षों को ये दर्जा दिया था।
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अब इनसे गाड़ी, गनमैन, सर्किट हाऊस में ठहरने और फोन आदि सुविधाएं छीन ली गई हैं। कांग्रेस ने इसे भाजपा की ओझी मानसिकता भरा कदम बताया है।
आदेश के अनुसार राज्य महिला आयोग अध्यक्ष लाडकुमारी जैन, अल्प संख्यक आयोग अध्यक्ष माहिर आजाद, राजस्थान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष लियाकत अली, राजस्थान राज्य हज कमेटी अध्यक्ष सलीम कागजी, राजस्थान राज्य विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष गोपाल केसावत, राजस्थान भूदान ग्रामदान बोर्ड अध्यक्ष रतनलाल तांबी, राज्य स्तरीय मगरा क्षेत्रीय विकास मंडल अध्यक्ष सोहनसिंह को पूर्व में दिए गए राज्य मंत्री स्तर के दर्जे को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है।
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इस प्रकार राज्य पशु पालक कल्याण बोर्ड जयपुर के उपाध्यक्ष पोखर राम देवासी का उपमंत्री स्तर का दर्जा भी वापस ले लिया गया है।
इधर, लाडकुमारी जैन ने आरोप लगाया कि इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए सरकार ने ऐसा किया है, लेकिन वे इस्तीफा नहीं देंगी और बिना सुविधा के अपना कार्यकाल पूरा होने तक काम को जारी रखेंगी। उनके अनुसार आयोग में नियुक्ति संबंधी एक्ट और रुल्स में सरकार के पास किसी भी आयोग के अध्यक्ष को हटाने का कोई अधिकार नहीं है।
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