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Rajasthan: विधानसभा को वित्तीय स्वायत्तता देने के लिए राजस्थान बना देश का पहला राज्य
Fri, 13 Jan 2023 06:21 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 13 Jan 2023 06:21 AM IST
सार
विधानसभाएं चलाने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। मौजूदा नियमों के अनुसार, काफी सीमित बजट इनके पास रहता है। राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी यहां तक कह चुके हैं कि वे पूरी तरह से हेल्पलेस हैं।
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अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विधानसभा को वित्तीय स्वायत्तता देने के लिए राजस्थान देश का पहला राज्य बना है। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन पर बृहस्पतिवार को बार-बार मदद की मांग कर रहे विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, मैं अध्यक्ष जी की बात टालता नहीं हूं। ये भी मेरी बात नहीं टालते हैं। विधानसभा के प्रस्तावों को हमारी सरकार सकारात्मक रूप से लेती है। मैं इस पर सहमत हूं।
विधानसभाएं चलाने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। मौजूदा नियमों के अनुसार, काफी सीमित बजट इनके पास रहता है। राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी यहां तक कह चुके हैं कि वे पूरी तरह से हेल्पलेस हैं। उन्होंने सम्मेलन के पहले दिन, पहले ही भाषण में खुद की तुलना एक रेफरी से करते हुए कहा कि हम एक तरह से हेल्पलेस रेफरी हैं। हम सिर्फ सदन चला सकते हैं, कोई कार्यवाही में व्यवधान पैदा करते हैं तो उन्हें बाहर निकाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ नहीं कर सकते। यहां तक कि हमें सदन को बुलाने का अधिकार भी नहीं है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
हमने रच दिया इतिहास, कई नवाचार होंगे
जोशी ने कहा कि सरकार से वित्तीय स्वायत्तता लेकर हमने इतिहास रच दिया है। अभी तक किसी भी राज्य में ऐसा नहीं हुआ है। राजस्थान विधानसभा देश की ऐसी पहली विधानसभा होगी, जो वित्तीय अधिकार संपन्न होगी। उम्मीद है कि आगामी समय में राजस्थान की तरह दूसरे राज्यों की विधानसभाएं भी वित्तीय स्वायत्तता हासिल कर पाएगीं। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस घोषणा के बाद विधानसभा चलाने के साथ साथ कई नवाचार में बतौर अध्यक्ष उन्हें स्वतंत्रता मिलेगी। इसके दूरगामी लाभ जनता और जनतंत्र दोनों के लिए होंगे।
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नाटकीय अंदाज में गहलोत को भरनी पड़ी हामी
सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के समक्ष ही राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने स्वागत भाषण में ही कहा, मैं उम्मीद करता हूं सीएम साहब अपने भाषण में हमारी मांग पर सहमति जताएंगें और विधानसभा की वित्तीय सहायता करेंगे। हालांकि बाद में, सीएम गहलोत ने अपने भाषण में इस पर मुस्कराते हुए कहा कि सीपी जोशी हमारे बड़े क्रांतिकारी नेता हैं। इन्हें जहां भी कोई जिम्मेदारी मिली है, ये अपने मूल विचार प्रकट करते ही हैं। इस दौरान सीएम ने एक भी बार वित्तीय स्वायत्तता का जिक्र नहीं किया।
-यह बात पूरे दिन राजस्थान विधानसभा के सभागार में पीठासीन अधिकारियों के बीच चर्चा में भी रही। अगले ही दिन बृहस्पतिवार की सुबह जब समापन सत्र शुरू हुआ, तो राज्यपाल कलराज मिश्र का स्वागत करते हुए सीपी जोशी ने फिर कहा कि मुख्यमंत्री साहब शायद हमारी मांग पर विचार करें।
-आखिर में, सीएम गहलोत को बोलना पड़ा, मैं अध्यक्ष जी की बात नहीं टालता हूं। विधानसभा के प्रस्तावों पर उनकी सरकार हमेशा सकारात्मक रही है। मैंने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
-समापन समारोह के अंत में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मुस्कराते हुए कहा, विधायक आवास बनाने का प्रयत्न मैंने भी किया, लेकिन पार नहीं पड़ी, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने सीएम गहलोत से अपनी बात मनवा ली।
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विधानसभाएं चलाने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। मौजूदा नियमों के अनुसार, काफी सीमित बजट इनके पास रहता है। राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी यहां तक कह चुके हैं कि वे पूरी तरह से हेल्पलेस हैं। उन्होंने सम्मेलन के पहले दिन, पहले ही भाषण में खुद की तुलना एक रेफरी से करते हुए कहा कि हम एक तरह से हेल्पलेस रेफरी हैं। हम सिर्फ सदन चला सकते हैं, कोई कार्यवाही में व्यवधान पैदा करते हैं तो उन्हें बाहर निकाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ नहीं कर सकते। यहां तक कि हमें सदन को बुलाने का अधिकार भी नहीं है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
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हमने रच दिया इतिहास, कई नवाचार होंगे
जोशी ने कहा कि सरकार से वित्तीय स्वायत्तता लेकर हमने इतिहास रच दिया है। अभी तक किसी भी राज्य में ऐसा नहीं हुआ है। राजस्थान विधानसभा देश की ऐसी पहली विधानसभा होगी, जो वित्तीय अधिकार संपन्न होगी। उम्मीद है कि आगामी समय में राजस्थान की तरह दूसरे राज्यों की विधानसभाएं भी वित्तीय स्वायत्तता हासिल कर पाएगीं। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस घोषणा के बाद विधानसभा चलाने के साथ साथ कई नवाचार में बतौर अध्यक्ष उन्हें स्वतंत्रता मिलेगी। इसके दूरगामी लाभ जनता और जनतंत्र दोनों के लिए होंगे।
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नाटकीय अंदाज में गहलोत को भरनी पड़ी हामी
सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के समक्ष ही राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने स्वागत भाषण में ही कहा, मैं उम्मीद करता हूं सीएम साहब अपने भाषण में हमारी मांग पर सहमति जताएंगें और विधानसभा की वित्तीय सहायता करेंगे। हालांकि बाद में, सीएम गहलोत ने अपने भाषण में इस पर मुस्कराते हुए कहा कि सीपी जोशी हमारे बड़े क्रांतिकारी नेता हैं। इन्हें जहां भी कोई जिम्मेदारी मिली है, ये अपने मूल विचार प्रकट करते ही हैं। इस दौरान सीएम ने एक भी बार वित्तीय स्वायत्तता का जिक्र नहीं किया।
-यह बात पूरे दिन राजस्थान विधानसभा के सभागार में पीठासीन अधिकारियों के बीच चर्चा में भी रही। अगले ही दिन बृहस्पतिवार की सुबह जब समापन सत्र शुरू हुआ, तो राज्यपाल कलराज मिश्र का स्वागत करते हुए सीपी जोशी ने फिर कहा कि मुख्यमंत्री साहब शायद हमारी मांग पर विचार करें।
-आखिर में, सीएम गहलोत को बोलना पड़ा, मैं अध्यक्ष जी की बात नहीं टालता हूं। विधानसभा के प्रस्तावों पर उनकी सरकार हमेशा सकारात्मक रही है। मैंने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
-समापन समारोह के अंत में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मुस्कराते हुए कहा, विधायक आवास बनाने का प्रयत्न मैंने भी किया, लेकिन पार नहीं पड़ी, लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने सीएम गहलोत से अपनी बात मनवा ली।