फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   rajasthan ats arrests bhilwara boy, connecting with simi

फेसबुक पर पोस्ट करते ही सिमी कार्यकर्ता बताकर युवक को उठाया, छह साल पुराने मामले में गिरफ्तारी

Wed, 18 May 2016 04:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 18 May 2016 04:33 PM IST
विज्ञापन
rajasthan ats arrests bhilwara boy, connecting with simi
- फोटो : indian express

फेसबुक पर एक पोस्ट डालने के कुछ दिन बाद पुलिस ने भीलवाड़ा के एक युवक को प्रतिबंधित संगठन सिमी का सदस्य बताकर गिरफ्तार कर लिया। आश्चर्यजनक रूप से युवक की गिरफ्तारी छह साल पुराने मामले में हुई है जिसमें उस पर सिमी की एक बैठक में भाग लेने का आरोप लगाया गया है। 

विज्ञापन


इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मंगलवार को पुलिस ने भीलवाड़ा से इमरान खान नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। राजस्‍थान एटीएस के एडीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि हमने सिमी के एक कार्यकर्ता इमरान को 2008 के एक मामले में गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि उसे बुधवार तक पुलिस की कस्टडी में रखकर पूछताछ की जाएगी जिसके बाद गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। 
विज्ञापन


जोधपुर का रहने वाला इमरान 2009 से भीलवाडा के संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में काम करता है। उसने बीते 9 मई को डाली अपनी अंतिम फेसबुक पोस्ट में एक हिंदी वेबसाइट का ब्लॉग शेयर किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसमें उसने दिल्‍ली पुलिस द्वारा जिहादी सेल का खुलासा करते हुए उठाए गए 13 संदिग्‍ध लोगों के मामले में सवाल उठाते हुए लिखा था, जब पुलिस ने बम बनाने के सामान के साथ 13 लोगों को गिरफ्तार किया था और वो सभी आतंकवादी थे, ओके। लेकिन कैसे उनमें से 10 लोगों को रिहा कर दिया गया। 

आरोप है कि उसकी इस फेसबुक पोस्ट के बाद ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। हालांकि एटीएस के डीआईजी बीएल मीणा दावा करते हैं कि साल 2008 में सीमी के कुछ लोगों ने कोटा और जोधपुर में एक बैठक की थी। इमरान भी उसमें शामिल रहा था। 

स्कूल प्रिंसिपल ने कहा- बहुत ईमानदार है इमरान

rajasthan ats arrests bhilwara boy, connecting with simi

वहां मौजूद सिमी के कुछ सदस्य तब ही से फरार चल रहे थे उनमें से इमरान भी एक था, जो तभी से भीलवाडा में छिपा हुआ था। उन्होंने बताया कि इस काम में गुजरात की एटीएस टीम ने भी राजस्‍थान एटीएस की मदद की और इमरान पकड़ा गया। 

वहीं गुजरात एटीएस के सूत्रों ने बताया कि खान के ठिकाने की जानकारी सिमी के संदिग्‍ध कार्यकर्ता मोहम्मद सुवाले उमर ने दी जिसे इस महीने की शुरूआत में पकड़ा गया। सुवाले और इमरान लगातार फरार चल रहे थे। सुवाले ने जोधपुर में फर्नीचर का काम शुरू कर दिया था जबकि इमरान भीलवाड़ा में सेटल हो गया था जहां वह एक स्कूल में काम करता था। 
वहीं एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्‍शन ऑफ सिविल राइट्स के नेता और वकील पाकेर फारुख सवाल करते हैं कि पुलिस ने कभी उसके परिजनों से बात नहीं की और न ही उसके रिश्तेदारों से उसके संबंध में पूछताछ की गई लेकिन सीधे उस पर इतने बड़े आरोप जड़ दिए। 

वहीं संगम स्कूल की प्रिंसिपल मधु नागपाल बताती हैं कि इमराम स्कूल में कम्‍प्यूटर अनालिस्ट का काम करता था और वो यहां 2009 से था। उसके काम में कभी कुछ संदिग्‍ध नहीं दिखा और वो पूरे मन से अपना काम करता था। नागपाल के अनुसार उसे 12 मई को गिरफ्‌तार किया गया। वो बताती हैं कि वह बहुत ईमानदार था और कभी ऐसा नहीं दिखा कि वह अपने काम के प्रति लापरवाह रहा हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed