Rajasthan Assembly Session: मंत्री धारीवाल बोले- सीबीआई पिंजरे का तोता, इसे रीट मामले की जांच देने का फायदा नहीं
रीट मामले की सीबीआई जांच को लेकर भाजपा ने विधानसभा में विरोध कम कर दिया है। विपक्ष और सरकार के बीच चर्चा हो रही है। नेता प्रतिपक्ष कटारिया के सवालों के जवाब देते हुए मंत्री धारीवाल ने सदन में कहा कि भाजपा सरकार के दौरान पेपर लीक के 25 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से कई की जांच एसओजी को भी न देकर पुलिस से कराई गई, अब ये चाहते हैं कि हम रीट मामले की जांच सीबीआई से कराएं।
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विधानसभा में रीट मामले को लेकर चर्चा जारी है, सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के सवालों के जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि पेपर लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत गंभीर हैं। एसओजी मामले की जांच कर रही है, अपराधी कोई भी हो उसे बक्शा नहीं जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष कटारिया के इस सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि ट्रेजरी में जगह नहीं होने और जिला स्तर की कमेटी के अनुमोदन के बाद ही पेपर शिक्षा संकुल में रखे गए थे। उन्होंने सदन में बताया कि हम एक लाख युवाओं को रोजगार दे चुके हैं और जल्द ही इतने ही और देने वाले हैं। सरकार राजस्थान शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा कानून लाएंगे कि कोई इस तरह की धांधली करने के बारे में सोच भी न सके।
क्या बोले मंत्री शांति धारीवाल
- रीट मामले की जांच सीबीआई को देने की मांग पर ससंदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने भाजपा से पूछा कि आप एसओजी से जांच क्यों नहीं करवाना चाहते? क्या एसओजी गलत दिशा में जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि आपके पास अगर कोई सबूत है तो एसओजी को दें, अगर वह जांच नहीं करती है तो सरकार मान लेगी कि जांच में कमी है। परीक्षा के जयपुर को-ऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है।
- विपक्ष के राजीव गांधी सर्कल के सवाल पर धारीवाल ने कहा कि 17 साल से ये संस्था काम कर रही हैं। एक बार भी इसका कोई आदमी किसी धांधली में नहीं पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सीबीआई जांच सिर्फ इसलिए चहा रही है कि टीम आए और सारे दफ्तर सील कर दिल्ली चली जाए। सीबीआई के सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे पिंजरे का तोता कहा है। आप सीबीआई को जांच इसलिए ही करवाना चाहते हैं कि यह आपके हाथ में आए जाए। मंत्री धारीवाल ने कहा कि सीबीआई को जांच देने का मतलब जांच को गड्ढे में डालना। एसओजी पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही इसका खुलासा कर करेगी।
- मंत्री धरीवाल ने सदन में कहा कि भाजपा सरकार के दौरान पेपर लीक के 25 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से कई की जांच एसओजी को भी न देकर पुलिस से कराई गई। अब ये चाहते हैं कि हम रीट मामले की जांच सीबीआई से कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाली परीक्षाओं के तीन बार पेपर लीक हुए हैं, लेकिन सिर्फ एक मामले की जांच ही सीबीआई को दी गई हैं, जिसका अब तक फैसला नहीं हुआ है।
भाजपा विधायकों का निलंबन वापस
रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर हो रहा भाजपा का विरोध अब थम गया है। हंगामे के जिम्मेदार चार भाजपा विधायकों का निलंबन भी वापस हो गया है। अब रीट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हो रही है। सोमवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने प्रश्नकाल स्थगित कर रीट मामले पर चर्चा शुरू कर दी थी। रीट पर चर्चा करते हुए सतीश पूनिया ने सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट एजेंसी को परीक्षा में शामिल क्यों किया गया। सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एसओजी की जांच और काबिलियत पर हमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन एसओजी इस बड़े मकड़ जाल को सुलझाने में सक्षम नहीं है। इस धांधली में युवाओं के साथ धोखा हुआ है। सरकार अगर कुछ करना चाहती है तो निष्पक्ष एजेंसी से मामले की जांच कराए। इससे युवाओं को न्याय मिलेगा।
युवाओं को न्याय मिलना चाहिए
सतीश पूनिया बोले ने कहा- इतिहास गवाह है कि जांच के दौरान देश की कई मुख्यमंत्री और उनके परिवार के लोग जेल गए हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि वर्ल्ड रिकॉर्ड में राजस्थान का नाम इसलिए नहीं आना चाहिए कि यहां सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। यहां नाम इसलिए अना चाहिए कि सरकार ने सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए, जिससे राज्य के युवाओं को न्याय मिल सके।
ये चार विधायक किए गए थे निलंबित
सदन में हंगामे का जिम्मेदार मानते हुए भाजपा विधायक रामलाल शर्मा, चंद्रभान आक्या, मदन दिलावर और अविनाश गहलोत पर निलंबित किया गया था। सोमवार को ससंदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने चारों विधायकों का निलंबन वापस करने की घोषणा कर दी है।