राजस्थान: एससी-एसटी एक्ट पर भाजपा ने चुकाई बड़ी कीमत, 50 के मुकाबले मिलीं सिर्फ 21 सीटें
2018 के चुनाव परिणामों में भाजपा ने अनुसूचित जाति श्रेणी में 12 सीटें और अनुसूचित जन जाति श्रेणी में नौ सीटों पर जीत दर्ज की है वहीं कांग्रेस ने अनूसूचित जाति की श्रेणी में 19 सीटें और अनुसूचित जनजाति श्रेणी में 12 सीटों पर दर्ज हांसिल की है। भाजपा विरोधी हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोक तांत्रिक पार्टी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित दो सीटों पर जीत दर्ज की है वहीं एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है। दो अनुसूचित जनजाति सीटों पर निर्दलीयों ने और दो सीटों पर भारतीय ट्राइबल पार्टी ने चुनाव जीता है।
राजनैतिक पर्यवक्षकों ने एससी / एसटी अधिनियम प्रावधानों में किए गए बदलाव के विरोध में दो अप्रैल को 'भारत बंद' और सत्ता विरोधी तत्वों के कारण भाजपा को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है। राज्य में एससी / एसटी अधिनियम प्रावधानों में किए गए बदलाव के विरोध में दलित समूहों ने रेल/सड़क यातायात को जाम करने के साथ साथ सम्पत्ति का नुकसान किया था। इसके कुछ दिन बाद राज्य के कई हिस्सों में सवर्ण समाज के लोगों ने शांतिपूर्वक बंद का आयोजन किया था।
जनता की नाराजगी झेल रही कांग्रेस ने राज्य के पूर्वी जिलों में अनुसूचित जाति और जनजाति बाहुल्य क्षेत्र की अधिकतर सीटों पर दर्ज की है । इस चुनाव में भाजपा अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, और टोंक जिले में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई।
(भाषा इनपुट)