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राजस्थान चुनाव: आखिर मान गए भाजपा के बागी विधायक ज्ञानदेव आहूजा, मिला बड़ा पद
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Nov 2018 08:40 PM IST
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ज्ञानदेव आहूजा
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बागियों से निपटने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूज को मनाने में सफल हो गई। ज्ञानदेव ने टिकट नहीं दिए जाने से नाराज होकर नामांकन दाखिल कर दिया था। वह रामगढ़ से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
ज्ञानदेव आहूजा ने गुरुवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्हें मनाने के लिए भाजपा को बड़ा पद भी ऑफर करना पड़ा। उन्हें पार्टी ने भाजपा प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है। बता दें कि ज्ञानदेव अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसी के चलते उनका टिकट काटा गया।
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अलवर के रामगढ़ से तीन बार विधायक रह चुके ज्ञानदेव आहूजा इसबार भाजपा की ओर से टिकट नहीं मिलने से नाराज थे। इसके बाद उन्होंने जयपुर की सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। ज्ञानदेव ने 2013 के विधानसभा चुनाव में रामगढ़ से जीत दर्ज की थी, लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें रामगढ़ से टिकट नहीं दिया।
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BJP MLA Gyandev Ahuja who had filed nomination as independent after being denied a ticket by the party, has taken back his nomination. He has now been appointed BJP's state vice president. #RajasthanElection2018 (file pic) pic.twitter.com/N2lp5EBCbp
— ANI (@ANI) November 22, 2018
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ज्ञानदेव आहूजा ने गुरुवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्हें मनाने के लिए भाजपा को बड़ा पद भी ऑफर करना पड़ा। उन्हें पार्टी ने भाजपा प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है। बता दें कि ज्ञानदेव अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसी के चलते उनका टिकट काटा गया।
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अलवर के रामगढ़ से तीन बार विधायक रह चुके ज्ञानदेव आहूजा इसबार भाजपा की ओर से टिकट नहीं मिलने से नाराज थे। इसके बाद उन्होंने जयपुर की सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। ज्ञानदेव ने 2013 के विधानसभा चुनाव में रामगढ़ से जीत दर्ज की थी, लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें रामगढ़ से टिकट नहीं दिया।